चुनाव नजदीक आते ही सपा को याद आया तुष्टीकरण, विनोद तावड़े का अखिलेश यादव पर तीखा हमला
जेल में पार्टी नेताओं से मुलाकात पर उठाए सवाल, भाजपा महामंत्री बोले— सपा की राजनीति प्रदेश को विकास से विनाश की ओर ले जाने वाली

लखनऊ, उत्तर प्रदेश। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से तावड़े ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही समाजवादी पार्टी तुष्टीकरण की राजनीति और अराजकता फैलाने वाले नेताओं के समर्थन में सक्रिय हो गई है। तावड़े ने जेल में बंद पार्टी नेताओं से अखिलेश यादव की मुलाकात पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे समाजवादी पार्टी की राजनीतिक प्राथमिकताएं स्पष्ट होती हैं।
सपा सरकार के कार्यकाल को लेकर लगाए आरोप
भाजपा नेता ने उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में दंगों और अराजकता का माहौल रहा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है, लेकिन समाजवादी पार्टी की राजनीति प्रदेश को फिर से पुराने दौर की ओर ले जाने वाली है।
आजम खान को लेकर भी अखिलेश पर निशाना
विनोद तावड़े ने अपनी पोस्ट में सपा नेता आजम खान का उल्लेख करते हुए उन्हें गृह मंत्री बनाए जाने की कथित मंशा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ऐसे नेताओं को राजनीतिक महत्व दे रही है, जिनकी भूमिका को लेकर भाजपा पहले से सवाल उठाती रही है। हालांकि, आजम खान को गृह मंत्री बनाने संबंधी किसी औपचारिक निर्णय या घोषणा का विवरण तावड़े के बयान में सामने नहीं आया है।
‘सपा का पीडीए का सपना पूरा नहीं होगा’
तावड़े ने समाजवादी पार्टी के पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक राजनीतिक समीकरण पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि सपा की राजनीति जनता को स्वीकार नहीं होगी और उसका पीडीए के सहारे राजनीतिक लक्ष्य हासिल करने का सपना पूरा नहीं होगा। भाजपा नेता ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता विकास और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देती है। विनोद तावड़े के इस बयान के बाद भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है। हालांकि, उनके आरोपों पर अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया का विवरण फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
