मंत्री आदिति तटकरे ने सूखाग्रस्त क्षेत्रों में बच्चों के कुपोषण की रोकथाम पर दिया ज़ोर

मुंबई। महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में बच्चों में कुपोषण रोकने तथा गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिति तटकरे ने अधिकारियों से कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों का प्रतिदिन दौरा कर कामकाज की समीक्षा की जाए। सूखे की स्थिति को देखते हुए एकीकृत बाल विकास सेवा योजना के तहत लागू किए जा रहे उपायों की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। बैठक में मंत्री तटकरे ने विभिन्न जिलों की समस्याओं की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सूखाग्रस्त क्षेत्रों में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं तक पोषण तथा स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी रुकावट के पहुंचनी चाहिए। इसके लिए महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य तथा अन्य संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय जरूरी है। मंत्री तटकरे ने निर्देश दिया कि आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जाए और वहां उपलब्ध सेवाओं की समीक्षा की जाए। सूखे की परिस्थिति में आंगनवाड़ी केंद्रों को चालू रखने के संबंध में संबंधित जिलाधिकारियों के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाए। बैठक में विभाग के सचिव डॉ. अनुपकुमार यादव, सहसचिव वि. रा. ठाकूर, सहआयुक्त संगीता लोंढे और अवर सचिव सरदार उपस्थित रहे। आयुक्त माधवी सरदेशमुख ने विभाग के कामकाज और सूखाग्रस्त क्षेत्रों में की जा रही व्यवस्थाओं का प्रस्तुतीकरण किया।
