महाराष्ट्र के छह युवा कलाकारों को ‘उस्ताद बिस्मिल्ला खां युवा पुरस्कार’

शास्त्रीय संगीत से लेकर भारूड और पारंपरिक कठपुतली कला तक राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं को राष्ट्रीय सम्मान

मुंबई। महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविध कला परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। सोमवार को राज्य के छह युवा कलाकारों को संगीत नाटक अकादमी के प्रतिष्ठित ‘उस्ताद बिस्मिल्ला खां युवा पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत से लेकर भारूड, शाहिरी, पोवाड़ा और पारंपरिक कठपुतली कला तक विभिन्न विधाओं में योगदान देने वाले कलाकारों के सम्मान से महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर नई प्रतिष्ठा मिली है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने वर्ष 2024 और 2025 के लिए देशभर के कुल 106 युवा कलाकारों को पुरस्कार प्रदान किए। ‘उस्ताद बिस्मिल्ला खां युवा पुरस्कार’ के तहत कलाकारों को 25 हजार रुपये नकद, ताम्रपत्र और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया जाता है। इस पुरस्कार का उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना, पारंपरिक कलाओं का संरक्षण और संवर्धन करना तथा भारतीय कला-संस्कृति की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन में योगदान के लिए कृष्ण बोंगाने और अंकिता जोशी को वर्ष 2024 का संयुक्त युवा पुरस्कार प्रदान किया गया। पारंपरिक ‘बहुरूपी भारूड’ लोककला के संरक्षण और संवर्धन के लिए डॉ. भावार्थ रामचंद्र देखणे को सम्मानित किया गया। वहीं पारंपरिक कलासूत्री कठपुतली कला को संरक्षित और आगे बढ़ाने के लिए बालकृष्ण (कृष्णा) गणपत मसगे को वर्ष 2024 का युवा पुरस्कार प्रदान किया गया। इन कलाकारों के सम्मान को महाराष्ट्र की लोक और शास्त्रीय कला परंपराओं के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

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