
मुंबई। डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय, अकोला में बारहमासी दैनिक वेतन पर कार्यरत मजदूरों को नियमित करने के मामले में सभी पहलुओं की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को मंत्रालय में डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय के बारहमासी दैनिक वेतनभोगी मजदूरों के लिए अनुदानित पदों को भरने के संबंध में आयोजित बैठक में कृषि मंत्री भरणे ने यह निर्देश दिए। बैठक में कृषि विभाग की उपसचिव प्रतिभा पाटील, विश्वविद्यालय के बारहमासी दैनिक वेतनभोगी मजदूर पवन देशमुख, अनंतकुमार शिरसाठ सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। कृषि मंत्री भरणे ने कहा कि विश्वविद्यालय में बारहमासी दैनिक वेतन पर काम करने वाले मजदूरों से संबंधित वर्ष 2025 की प्रचलित भर्ती प्रक्रिया, कर्मचारी योजना और वेतन निर्धारण की जांच की जाए। पूरे प्रकरण की विस्तृत पड़ताल कर नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित कर्मचारियों के साथ ही संविदा और मानदेय के आधार पर कार्यरत कर्मचारियों पर लागू नियमों की भी जांच करने को कहा। इसके अलावा संबंधित नियुक्तियों के लिए सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी ली गई थी या नहीं, इसकी भी पड़ताल करने के निर्देश दिए गए हैं। कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। इसके साथ ही मामले में आवश्यकतानुसार विभागीय जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

