
कृषि की लागत घटाने और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर, सिंचाई-यंत्रीकरण से लेकर आधुनिक तकनीक तक मिलेगा बढ़ावा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर और समृद्ध किसान’ के विजन को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पांच राज्यों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) और कृषोन्नति योजना (KY) के तहत कुल 1,283.11 करोड़ रुपये की द्वितीय मदर सैंक्शन जारी करने की मंजूरी दी है। इस राशि का इस्तेमाल किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, कृषि यंत्रीकरण और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा। शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और त्रिपुरा के कृषि मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान विभिन्न केंद्रीय कृषि योजनाओं की प्रगति और राज्यों में उपलब्ध धनराशि के उपयोग की समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसान देश की आत्मा और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। केंद्र और राज्य सरकारें ‘टीम इंडिया’ के रूप में मिलकर काम कर रही हैं, ताकि हर खेत तक पानी, उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्र और डिजिटल सुविधाएं पहुंचाई जा सकें। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में संसाधनों और वित्तीय सहायता की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। सबसे अधिक 409.40 करोड़ रुपये आंध्र प्रदेश के लिए मंजूर किए गए हैं। इसमें PM-RKVY के तहत 296.09 करोड़ और कृषोन्नति योजना के तहत 113.31 करोड़ रुपये शामिल हैं। चौहान ने राज्य में ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ और कृषि यंत्रीकरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना की। तमिलनाडु के लिए कुल 355.88 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें PM-RKVY के तहत 251.79 करोड़ और कृषोन्नति योजना के तहत 104.09 करोड़ रुपये शामिल हैं। राज्य में सूक्ष्म सिंचाई और तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। ओडिशा को कुल 219.65 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें PM-RKVY के तहत 117.94 करोड़ और कृषोन्नति योजना के तहत 101.71 करोड़ रुपये शामिल हैं। कृषि यंत्रीकरण और कृषि विस्तार के क्षेत्र में राज्य द्वारा धनराशि के प्रभावी इस्तेमाल की सराहना की गई। उत्तराखंड के लिए 106.67 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिसमें PM-RKVY के 65.78 करोड़ और कृषोन्नति योजना के 40.89 करोड़ रुपये शामिल हैं। इस राशि से कृषि आधारभूत संरचना और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। राज्य में परंपरागत कृषि विकास योजना और बागवानी के क्षेत्र में हुई प्रगति पर भी चर्चा की गई। वहीं, त्रिपुरा को 91.51 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसमें PM-RKVY के तहत 36.51 करोड़ और कृषोन्नति योजना के तहत 55 करोड़ रुपये शामिल हैं। इस धनराशि से बांस मिशन, ऑयल पाम और कृषि यंत्रीकरण से संबंधित गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। केंद्र सरकार के मुताबिक, मंजूर धनराशि से ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ के तहत सूक्ष्म सिंचाई और जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। कृषि यंत्रीकरण योजना के माध्यम से छोटे किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों पर सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा डिजिटल कृषि, मृदा स्वास्थ्य, दलहन, तिलहन और बागवानी मिशन के माध्यम से फसल विविधीकरण और उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों से कहा कि स्वीकृत राशि का तेजी और प्रभावी तरीके से उपयोग किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर पात्र किसानों तक पहुंच सके। बैठक में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव अतीश चंद्रा सहित संबंधित राज्यों के कृषि मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

