अफ्रीकन सफारी के काम में तेजी लाने के निर्देश, ताडोबा-पेंच आने वाले पर्यटकों को गोरेवाड़ा से जोड़ने की योजना

नागपुर। बालासाहेब ठाकरे गोरेवाड़ा अंतरराष्ट्रीय प्राणी उद्यान को विश्वस्तरीय वन्यजीव पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को गोरेवाड़ा परियोजना का निरीक्षण करने के बाद विकास कार्यों की समीक्षा की और अफ्रीकन सफारी समेत सभी प्रस्तावित कार्यों के लिए निश्चित समयसीमा तय कर उन्हें तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। रविवार को मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में नागपुर में आयोजित समीक्षा बैठक में गोरेवाड़ा परियोजना के नियोजित और सर्वांगीण विकास पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित अफ्रीकन सफारी की वर्तमान स्थिति, परियोजना की प्रगति, आवश्यक बुनियादी सुविधाओं और सफारी शुरू करने की संभावित समयसीमा की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अफ्रीकन सफारी शुरू करने के लिए आवश्यक सभी कामों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।गोरेवाड़ा परियोजना का पहला चरण वर्ष 2021 में पूरा हो चुका है। इसमें वाइल्डलाइफ रेस्क्यू सेंटर, इंडियन सफारी और एंट्रेंस प्लाजा शामिल हैं। अब परियोजना के दूसरे और तीसरे चरण में कई नई सुविधाएं विकसित करने की योजना है। दूसरे चरण में वॉकिंग ट्रेल, अफ्रीकन सफारी, सफारी प्लाजा, एनिमल हॉस्पिटल और क्वारंटाइन ब्लॉक को शामिल किया गया है। इनमें अफ्रीकन सफारी को परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। तीसरे चरण में ट्रेल ऑफ सेंसस, बायोपार्क, नाइट जू, गोंडवाना पार्क, बायो डिस्कवरी प्लाजा और ट्राइबल ट्रेल विकसित किए जाएंगे। इन सुविधाओं के जरिए गोरेवाड़ा को केवल प्राणी उद्यान तक सीमित न रखते हुए वन्यजीव, जैव विविधता, प्रकृति और स्थानीय संस्कृति का अनुभव देने वाले प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने परियोजना के अगले चरण के विकास के लिए अनुभवी और सक्षम सलाहकार नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोरेवाड़ा के विकास की योजना बनाते समय भविष्य की पर्यटन जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाए। ऐसी सुविधाएं विकसित की जाएं, जिससे पर्यटकों को यहां अधिक समय बिताने के लिए आकर्षित किया जा सके।फडणवीस ने विशेष रूप से ताडोबा और पेंच आने वाले पर्यटकों को गोरेवाड़ा से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गोरेवाड़ा का विकास इस तरह किया जाए कि ताडोबा और पेंच आने वाले पर्यटक यहां भी एक से दो दिन बिताएं। पर्यटन स्थलों के बीच बेहतर तालमेल और प्रभावी पर्यटन सर्किट तैयार कर पर्यटकों का प्रवास बढ़ाने की दिशा में काम किया जाए। इससे गोरेवाड़ा को विदर्भ के प्रमुख वन्यजीव एवं पर्यटन केंद्र के रूप में नई पहचान मिल सकेगी। बैठक से पहले मुख्यमंत्री फडणवीस ने बालासाहेब ठाकरे गोरेवाड़ा अंतरराष्ट्रीय प्राणी उद्यान का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न सुविधाओं और जारी निर्माण कार्यों की जानकारी लेते हुए परियोजना के आगामी विकास को लेकर अधिकारियों से चर्चा की। इस अवसर पर मंत्री गणेश नाईक सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

