Homeमहाराष्ट्रपेपर लीक विवाद के बाद एमपीएससी की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती रद्द, छह...

पेपर लीक विवाद के बाद एमपीएससी की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती रद्द, छह की गिरफ्तार

राहुल गांधी बोले- यह सरकार की मेहरबानी नहीं, छात्रों की जीत

मुंबई। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) ने खाद्य एवं औषध प्रशासन (एफ़डीए) में औषध निरीक्षक (ड्रग इंस्पेक्टर), ग्रुप-B पदों की पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है। परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतों और मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में एक उम्मीदवार को परीक्षा से पहले प्रश्नों का सेट मिलने और उसका लाभ उठाए जाने की बात सामने आने के बाद आयोग ने यह कदम उठाया है। अब इन पदों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी। पहले से आवेदन कर चुके उम्मीदवारों को दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी और उनसे कोई परीक्षा शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। एमपीएससी ने औषध निरीक्षक, ग्रुप-B पदों की भर्ती के लिए 29 जुलाई 2025 को विज्ञापन जारी किया था। इसके तहत 22 मार्च 2026 को राज्य के छह संभागीय मुख्यालयों में ऑफलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा का परिणाम 12 जून 2026 को घोषित किया गया और 506 उम्मीदवार इंटरव्यू के लिए पात्र हुए। इनमें से 488 उम्मीदवारों के इंटरव्यू 1 जुलाई से 22 जुलाई 2026 के बीच लिए गए। इसके बाद 485 पात्र और तीन अपात्र उम्मीदवारों सहित कुल 488 अभ्यर्थियों की अस्थायी सामान्य मेरिट सूची जारी की गई थी। इसी बीच 22 से 26 जुलाई के दौरान कुछ उम्मीदवारों और जनप्रतिनिधियों ने आयोग से परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत की। आरोप लगाया गया कि परीक्षा से दो दिन पहले यानी 20 मार्च 2026 को कुछ उम्मीदवारों तक प्रश्नपत्र अथवा प्रश्न पहुंच गए थे और इन्हें सोशल मीडिया तथा इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से प्रसारित किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एमपीएससी ने 27 जुलाई को मुंबई पुलिस आयुक्त के पास शिकायत भेजकर जांच की मांग की। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया एक उम्मीदवार को प्रश्नों का सेट मिलने और उससे लाभ होने की बात सामने आई। इसके बाद आयोग ने परीक्षा की गोपनीयता, अखंडता, पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द करने का फैसला किया। इस मामले में विधायक रोहित पवार ने भी पेपर लीक का आरोप उठाया था। एमपीएससी की तैयारी कर रहे छात्रों ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात कर अपनी शिकायत रखी थी।
वहीं पुणे में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में भी एक छात्रा ने उनके सामने यह मुद्दा उठाया था। भर्ती प्रक्रिया रद्द होने के बाद राहुल गांधी ने छात्रों के संघर्ष को इसका श्रेय देते हुए कहा, “एमपीएससी की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा और पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द हुई—यह सरकार की मेहरबानी नहीं, उन छात्रों की जीत है जो मार्च में ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के पेपर लीक के बाद से डटे रहे।” उन्होंने कहा कि छात्रों ने दबाव झेला, ताने सुने और महीनों इंतजार किया, लेकिन अपनी आवाज उठाना नहीं छोड़ा। राहुल गांधी ने साथ ही कहा कि केवल परीक्षा रद्द होना अंतिम न्याय नहीं है। उनके मुताबिक, जब तक पेपर लीक कराने वालों को सजा नहीं मिलती, तब तक लड़ाई अधूरी रहेगी। उन्होंने छात्रों के साथ आगे भी खड़े रहने की बात कहते हुए शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में सुधार की जरूरत पर जोर दिया, ताकि मेहनत करने वाले प्रत्येक छात्र को उसका उचित हक मिल सके। इस पेपर लीक मामले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में एमपीएससी के अवर सचिव अभिजीत लेंडवे भी शामिल हैं। इसके अलावा सहायक कक्ष अधिकारी गोपाल मराठे और विश्वेश्वर नकाते को भी गिरफ्तार किया गया है। परीक्षार्थी ऋतुजा पाटील और उनके पिता अमृत पाटील भी गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल हैं। अब एमपीएससी औषध निरीक्षक, ग्रुप-B पदों के लिए पुनर्परीक्षा आयोजित करेगा। संबंधित उम्मीदवारों को दोबारा आवेदन नहीं करना होगा और कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क भी नहीं देना पड़ेगा। पुनर्परीक्षा की तारीख और अन्य विवरण आयोग की ओर से अलग से घोषित किए जाएंगे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments