इंस्पायर-मानक में महाराष्ट्र का शानदार प्रदर्शन, श्रद्धा लोंढे को राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान
राज्य के सात विद्यार्थी ‘सुपर 60’ में चयनित, एआई आधारित नवाचार के लिए श्रद्धा को मिला विशेष स्वर्ण पदक

मुंबई। नई दिल्ली में आयोजित 12वीं राष्ट्रीय इंस्पायर-मानक प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता में महाराष्ट्र के विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। राज्य से शामिल 35 विद्यार्थियों में से सात की परियोजनाओं को देश के सर्वश्रेष्ठ 60 नवाचारों की ‘सुपर 60’ सूची में स्थान मिला। अहिल्यानगर जिले की छात्रा श्रद्धा रमेश लोंढे ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए विशेष स्वर्ण पदक जीता। गुरुवार को स्कूली शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने श्रद्धा सहित सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल वैज्ञानिक भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12 से 14 अक्टूबर तक आयोजित प्रतियोगिता में देशभर के करीब 800 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। महाराष्ट्र से शैक्षणिक वर्ष 2023-24 और 2024-25 के कुल 35 विद्यार्थियों ने विज्ञान आधारित नवाचारी परियोजनाएं प्रस्तुत कीं। परियोजनाओं का मूल्यांकन नवीनता, सामाजिक उपयोगिता, सरलता और वास्तविक जीवन में उपयोगिता के आधार पर किया गया।
दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए एआई आधारित प्रोजेक्ट
अहिल्यानगर जिले के चांदगांव स्थित न्यू इंग्लिश स्कूल की छात्रा श्रद्धा रमेश लोंढे ने ‘एआई बेस्ड टीचर असिस्टेंट फॉर ब्लाइंड्स’ नामक प्रोटोटाइप विकसित किया। यह परियोजना कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने पर आधारित है। श्रद्धा के नवाचार को प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान मिला। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने उन्हें विशेष स्वर्ण पदक, स्मृतिचिह्न, प्रमाणपत्र और लैपटॉप देकर सम्मानित किया। श्रद्धा के अलावा सांगली के जिला परिषद स्कूल लक्ष्मीवाडी के राजवर्धन प्रदीप काले, पुणे की एमईएस रानी लक्ष्मीबाई गर्ल्स मिलिट्री स्कूल की देविका सुहास ताड, सिटी प्राइड स्कूल के अर्णव भुसारी, डीईएस माधव सदाशिव गोलवलकर गुरुजी माध्यमिक विद्यालय की गीता गणपत धनवडे, सोलापुर के अक्कलकोट स्थित केएलई मंगरुळे हाईस्कूल की शांभवी रामनप्पा अजगुंडे और वाशिम के पोदार इंटरनेशनल स्कूल के विराज संदीप शिंदे ने ‘सुपर 60’ में स्थान हासिल किया। सभी चयनित विद्यार्थियों को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के हाथों स्मृतिचिह्न और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। स्कूली शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने कहा कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार विभिन्न पहल कर रही है। ‘विद्यार्थी विज्ञान वारी’ के माध्यम से विज्ञान में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को प्रदर्शनियों के जरिए नासा भ्रमण का अवसर उपलब्ध कराने का भी प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता के ‘सुपर 60’ में चयनित विद्यार्थियों को ‘साकुरा विज्ञान विद्यार्थी विनिमय कार्यक्रम’ के अंतर्गत जापान जाने का अवसर भी मिल सकता है। भुसे ने कहा कि महाराष्ट्र के विद्यार्थियों की यह सफलता नई पीढ़ी को विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
