प्रदेश की जीडीपी में बुंदेलखंड के उद्योगों का महत्वपूर्ण योगदान: सीडीओ
औद्योगिक क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश, इंडस्ट्रियल फीडर के जेई हर महीने उद्यमियों से करेंगे संवाद
बिजली आपूर्ति की समस्याओं का तत्काल सर्वे कर समाधान करने के निर्देश, मुख्य अभियंता ने उद्यमियों को दिया आश्वासन

देवेश प्रताप सिंह राठौर/झांसी, उत्तर प्रदेश। मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने कहा कि प्रदेश की जीडीपी में बुंदेलखंड के उद्योगों का महत्वपूर्ण योगदान है। औद्योगिक इकाइयों को पर्याप्त और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि उत्पादन बढ़ने के साथ प्रदेश के राजस्व में भी वृद्धि हो सके। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता और तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी ने विकास भवन सभागार में बुंदेलखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री तथा विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में औद्योगिक इकाइयों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल समस्याग्रस्त स्थानों (पेनफुल पॉइंट्स) का सर्वे कर समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। बैठक की शुरुआत में बुंदेलखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष धीरज खुल्लर ने मुख्य विकास अधिकारी और मुख्य अभियंता विद्युत का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उद्योगों को पर्याप्त बिजली मिलेगी तो उत्पादन बढ़ेगा और प्रदेश की जीडीपी में भी वृद्धि होगी।धीरज खुल्लर ने औद्योगिक क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति की आवश्यकता बताते हुए प्रमुख समस्याओं को चिह्नित कर उनका समाधान करने का सुझाव दिया। उन्होंने ओवरलोडिंग समाप्त करने के लिए नए ट्रांसफॉर्मर लगाने, नई विद्युत लाइन बिछाने और क्षतिग्रस्त ट्रांसफॉर्मरों की समय से मरम्मत कराने की मांग की। साथ ही विद्युत लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों के आसपास झाड़ियों की सफाई कराने पर जोर दिया, ताकि आंधी-तूफान के दौरान बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त न हों। बैठक में मुख्य अभियंता ज्ञानेंद्र सिंह ने उपस्थित सभी जेई और एसडीओ को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र के उद्योगपतियों से प्रत्येक माह संवाद करें। इससे उद्यमियों की समस्याओं की जानकारी मिल सकेगी और उनका समय से निराकरण किया जा सकेगा। उन्होंने उद्यमियों को आश्वस्त करते हुए कहा, “आप कमियां बताएं, हम उन्हें समय से दूर करेंगे।” उन्होंने उद्यमियों की शिकायतें सुनकर संबंधित एई, एसडीओ और जेई से उनके समाधान के लिए की जाने वाली कार्रवाई की जानकारी भी ली। बैठक में लगभग 45 वर्षों से संचालित भगवंतपुरा कोल्ड स्टोरेज के मालिक पवन जैन ने बिजली आपूर्ति की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि उनका प्रतिष्ठान प्रतिमाह लगभग 70 लाख रुपये का बिजली बिल जमा करता है। यदि बिना ट्रिपिंग के नियमित बिजली आपूर्ति मिले तो विद्युत खपत और राजस्व दोनों में वृद्धि हो सकती है। उन्होंने शिकायत की कि बिजली आपूर्ति बाधित होने पर संबंधित अधिकारियों को फोन करने के बावजूद कई बार कॉल रिसीव नहीं की जाती। उन्होंने इस व्यवस्था में सुधार की मांग की।जनपद में संचालित लगभग 90 स्टोन क्रशरों के प्रतिनिधि राजीव मेहता ने बताया कि स्टोन क्रशर उद्योगों से विद्युत विभाग को प्रतिमाह लगभग एक करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। बिजली लाइनों में सुधार होने पर यह राजस्व और बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि खदान के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन नीचे आ जाने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है और दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। उन्होंने संबंधित विद्युत लाइन को स्थानांतरित कराने की मांग की।इसी क्रम में गोरा मछिया के नरेश कुमार अग्रवाल, अशोक आनंदानी तथा पीतांबरा बुक पब्लिशर्स और घड़ी डिटर्जेंट के प्रतिनिधियों ने भी विद्युत आपूर्ति से संबंधित समस्याएं रखीं। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुधारने और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। बैठक का संचालन बुंदेलखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के संयुक्त सचिव अमित सिंह ने किया। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों से कहा कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था में जूनियर इंजीनियर सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यदि जेई नियमित रूप से उद्यमियों के संपर्क में रहेंगे तो समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा। इससे उद्योगों को पर्याप्त बिजली मिलेगी और विभाग के राजस्व में भी वृद्धि होगी।इस अवसर पर मुख्य अभियंता ज्ञानेंद्र सिंह, अधीक्षण अभियंता ग्रामीण अफरोज आलम, अधीक्षण अभियंता नगरीय पुष्कर सिंह, अधिशासी अभियंता नगर प्रथम विवेक कुमार, अधिशासी अभियंता नगरीय द्वितीय रवींद्र कुमार सहित बुंदेलखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पवन सरावगी, अतुल अग्रवाल किल्पन, अजय सिजरिया, अतुल दुबे, संजय गुप्ता एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
