
लंबित कार्यों में तेजी लाने के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की होगी कार्यशाला, केंद्र से जल्द मिलेगा बकाया फंड
मुंबई। महाराष्ट्र में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत मजदूरों को 100 दिनों का रोजगार हर हाल में उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही योजना के लंबित विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार के निर्देशानुसार मुंबई में विधायकों, जिला एवं तहसील स्तर के जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की जाएगी। यह जानकारी राज्य के रोजगार गारंटी योजना मंत्री शंभूराज देसाई ने गुरुवार को विधानसभा में दी। छत्रपति संभाजीनगर जिले के कन्नड़ और सोयगांव तालुकों में मनरेगा के तहत लंबित कार्यों को शुरू करने संबंधी विधायक नारायण कुचे के प्रश्न का उत्तर देते हुए मंत्री देसाई ने कहा कि मनरेगा का मूल उद्देश्य प्रत्येक पात्र मजदूर को 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराना है और राज्य सरकार इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि मजदूरों की मजदूरी केंद्र और राज्य सरकार के साझा अंशदान से दी जाती है। राज्य सरकार ने अपने हिस्से की राशि जारी कर दी है, जबकि केंद्र का बकाया हिस्सा भी जल्द महाराष्ट्र को मिलने वाला है। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य को आश्वस्त किया है कि लंबित निधि शीघ्र जारी कर दी जाएगी। विभाग इस संबंध में लगातार केंद्र सरकार से संपर्क बनाए हुए है। मंत्री देसाई ने बताया कि राजस्व विभाग और रोजगार गारंटी योजना विभाग की संयुक्त बैठक आयोजित कर मनरेगा के तहत ग्रामीण पाणंद (ग्रामीण संपर्क) सड़कों के निर्माण कार्यों में भी मजदूरों को रोजगार देने का निर्णय लिया जाएगा।उन्होंने कहा कि कन्नड़ तालुका में कुछ समय तक मनरेगा मजदूरों की हड़ताल के कारण कार्य प्रभावित हुए थे। बाद में मस्टर रोल जारी कर मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। हड़ताल के दौरान मजदूरों की ओर से काम की मांग प्राप्त नहीं होने के कारण मस्टर जारी नहीं किए जा सके थे। मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लागू की गई नई ई-मस्टर (EMB) प्रणाली के कारण कन्नड़ तालुका में तकनीकी समस्याएं उत्पन्न हुई थीं। इसी वजह से जारी किए गए 439 ई-मस्टर निरस्त करने पड़े। हालांकि तकनीकी खामियां दूर होने के बाद नए ई-मस्टर जारी कर मजदूरों को मांग के अनुसार रोजगार उपलब्ध करा दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि जिन ग्राम पंचायतों में पहले से 20 से अधिक विकास कार्य चल रहे हैं, वहां नए कार्य शुरू करने में नियमों के कारण कठिनाई आती है। इसके अलावा बड़ी संख्या में मजदूर गन्ना कटाई के लिए अन्य क्षेत्रों में चले जाने से भी श्रमिकों की उपलब्धता प्रभावित हुई। जहां-जहां तकनीकी या प्रशासनिक बाधाएं आईं, वहां उनका समाधान कर दोबारा ई-मस्टर जारी किए गए और मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इस विषय पर हुई चर्चा में विधायक राजकुमार बडोले सहित अन्य सदस्यों ने भी भाग लिया।



