शिवाजी पार्क आंदोलन मामले में आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे समेत 25 लोगों पर FIR दर्ज
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुआ था प्रदर्शन, बिना अनुमति जमावड़ा लगाने और पुलिस आदेशों की अवहेलना का आरोप

इंद्र यादव/मुंबई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर रविवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए आंदोलन के मामले में पुलिस ने सोमवार को कड़ा रुख अपनाया। दादर स्थित शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) नेता अमित ठाकरे समेत कुल 25 नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामले में मनसे नेता संदीप देशपांडे, शिवसेना (यूबीटी) नेता वरुण सरदेसाई और महेश सावंत के नाम भी शामिल बताए गए हैं। पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने, गैरकानूनी जमावड़ा लगाने और सार्वजनिक आदेशों की अवहेलना करने के आरोप लगाए हैं। इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 189(2) और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
रविवार को शिवाजी पार्क परिसर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन आयोजित किया गया था। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थन में आयोजित इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) का विरोध किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने करीब 300 आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। इनमें सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया भी शामिल थीं। कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिलते ही आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे मौके पर पहुंचे। आदित्य ठाकरे ने पुलिस वैन पर चढ़कर हिरासत में लिए गए आंदोलनकारियों की रिहाई की मांग की। इसके बाद आदित्य और अमित ठाकरे ने पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को रिहा किया गया। इस दौरान आदित्य ठाकरे ने कहा था कि मुंबई को दिल्ली नहीं बनने देंगे। उन्होंने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी थी कि यदि आंदोलनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। वहीं, पुलिस का कहना है कि शिवाजी पार्क में आयोजित प्रदर्शन के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी और इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। सोमवार को शिवाजी पार्क पुलिस ने इस मामले में 25 नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए जाने की संभावना है। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हुए आंदोलन के बाद आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे समेत अन्य नेताओं पर मामला दर्ज होने से महाराष्ट्र में राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। अब इस पुलिस कार्रवाई पर शिवसेना (यूबीटी) और मनसे की अगली प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।
