
मुंबई। दादर स्थित प्लाज़ा सिनेमा के पास सोमवार को एक बेस्ट बस बेकाबू होकर कई वाहनों से टकरा गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस भीषण सड़क दुर्घटना में दो व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे के बाद घटनास्थल पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और पुलिस तथा ट्रैफिक विभाग की टीमों को स्थिति संभालने के लिए मौके पर पहुंचना पड़ा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बेस्ट बस अचानक नियंत्रण खो बैठी और सबसे पहले एक एक्टिवा स्कूटर, एक इलेक्ट्रिक बाइक, एक टैक्सी, एक बलेनो कार तथा एक इलेक्ट्रिक कार से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस आगे बढ़ते हुए सड़क किनारे चल रहे निर्माण कार्य क्षेत्र के बैरिकेड्स से भी जा भिड़ी और अंततः खुदाई कार्य में लगे एक ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक का हिस्सा बस के अगले हिस्से में घुस गया और सामने का शीशा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घायलों को तत्काल उपचार के लिए सायन हॉस्पिटल पहुंचाया गया। अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार चार लोगों को भर्ती कराया गया, जिनमें लगभग 22 से 25 वर्ष आयु के एक अज्ञात युवक को मृत अवस्था में लाया गया। घायल ऋषभ गुप्ता (25-30 वर्ष) के सिर में गंभीर चोट आई है और उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। वहीं बेस्ट निरीक्षक सतीश वाघंबरे (48) के सीने और कूल्हे में चोटें आईं, जबकि महेश डोईफोडे (50) के बाएं कंधे में चोट और आंतरिक आघात (ब्लंट ट्रॉमा) की पुष्टि हुई है। हादसे के बाद मुंबई ट्राफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया। ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि कोतवाल गार्डन क्षेत्र के आसपास वाहनों की आवाजाही धीमी रही और जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस ने बस चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है तथा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। गौरतलब है कि हाल के महीनों में मुंबई में बेस्ट बसों से जुड़े कई गंभीर हादसे सामने आए हैं। मलाड पूर्व में वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर एक बेस्ट बस की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत हुई थी, जबकि पिछले सप्ताह मलाड में एक नौ वर्षीय बालक की भी बस दुर्घटना में जान चली गई थी। इसके अलावा अंधेरी पश्चिम के अंबोली नाका क्षेत्र में चार बसों की टक्कर के दौरान एक बेस्ट कंडक्टर की भी मौत हो गई थी। दादर की ताजा दुर्घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन वाहनों की सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



