
नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को पाकिस्तान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि वह आतंकवादियों को पनाह देना और भारत विरोधी गतिविधियां जारी रखता है, तो उसे यह तय करना होगा कि वह भूगोल का हिस्सा बने रहना चाहता है या इतिहास का। सेना प्रमुख का यह बयान भारत की आतंकवाद के खिलाफ आक्रामक और स्पष्ट नीति को दर्शाता है। सेना प्रमुख ने कहा- अगर आपने मुझे पहले सुना हो, तो मैंने यही कहा है कि पाकिस्तान, अगर वह आतंकवादियों को पनाह देना और भारत के खिलाफ गतिविधियां जारी रखना जारी रखता है, तो उसे यह तय करना होगा कि वह भूगोल या इतिहास का हिस्सा बनना चाहता है या नहीं।” गौरतलब है कि पिछले वर्ष पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया गया था। इसके तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के कई आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। इसके बाद पाकिस्तान ने भारत के सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, जिसका भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया। यह सैन्य संघर्ष लगभग 88 घंटों तक चला। बाद में पाकिस्तान के डीजीएमओ ने अपने भारतीय समकक्ष से संपर्क कर युद्धविराम का अनुरोध किया, जिसके बाद 10 मई को संघर्ष समाप्त हुआ। हालांकि, भारतीय नेतृत्व लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि केवल स्थगित किया गया है। भारत ने पाकिस्तान को किसी भी दुस्साहस के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा है कि भविष्य में किसी भी आतंकी हरकत का जवाब और अधिक सख्ती से दिया जाएगा। इसी संदर्भ में सेना के उप प्रमुख (रणनीति) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने 7 मई को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, “नियंत्रण रेखा के पार कोई भी सुरक्षित ठिकाना नहीं है। हम हर जगह हमला करेंगे। हम हर चीज़ को निशाना बनाएंगे। परिस्थितियाँ, समय और तरीका हमारा होगा। भारतीय सेना ने यह भी कहा कि संघर्ष के चारों दिनों के दौरान स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और भारतीय बलों ने हर मोर्चे पर रणनीतिक बढ़त बनाए रखी।




