महाराष्ट्र के सूखा संकट पर फडणवीस ने अमित शाह से मांगी विशेष मदद, 11 अक्टूबर तक दौरा करेगी केंद्रीय टीम
32 जिलों के करीब 80 प्रतिशत तालुके प्रभावित, राज्य अपने संसाधनों से किसानों को पहले देगा राहत, नागपुर एयरपोर्ट विस्तार के लिए 27 एकड़ जमीन का रास्ता भी साफ

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने दो दिवसीय दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर राज्य की गंभीर सूखा स्थिति और उससे निपटने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के लिए केंद्र सरकार से विशेष सहायता की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से नागपुर एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की, जिसके बाद एयरपोर्ट के लिए आवश्यक रक्षा विभाग की 27 एकड़ जमीन उपलब्ध होने का रास्ता साफ हुआ है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने अमित शाह को राज्य सरकार की ओर से केंद्र को भेजे गए अग्रिम प्रस्ताव की प्रति भी सौंपी। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के करीब 32 जिलों में सूखे की गंभीर स्थिति है और लगभग 80 प्रतिशत तालुके इससे प्रभावित हैं। सूखे की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम 8 से 11 अक्टूबर तक महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेगी। टीम प्रभावित क्षेत्रों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। राज्य सरकार के प्रस्ताव और केंद्रीय टीम की रिपोर्ट के आधार पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष के तहत सहायता पर निर्णय लिया जाएगा। फडणवीस के मुताबिक, अमित शाह ने महाराष्ट्र को अधिकतम संभव केंद्रीय सहायता देने का भरोसा दिलाया और कहा कि केंद्र सरकार मजबूती से महाराष्ट्र के साथ खड़ी रहेगी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हुई चर्चा का उल्लेख करते हुए कहा कि सूखा सहायता निर्धारित करते समय केवल सैटेलाइट तस्वीरों के मानदंड पर निर्भर नहीं रहा जाएगा। बारिश में लंबे अंतराल, भूजल स्तर, फसलों का नुकसान और प्रत्यक्ष निरीक्षण जैसे अन्य मानदंडों पर भी विचार किया जाएगा। जो तालुके सैटेलाइट तस्वीरों के मानदंड में नहीं आते, लेकिन अन्य मानकों पर पात्र पाए जाते हैं, उन पर भी विचार किया जाएगा। करीब 20 तालुकों में फसलों के नुकसान के आधार पर सूखा सहायता देने की प्रक्रिया चल रही है।
केंद्र की मदद का इंतजार नहीं, राज्य के पैसे से किसानों को पहले राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय सहायता मिलने की प्रक्रिया में समय लग सकता है, इसलिए महाराष्ट्र सरकार अपने उपलब्ध संसाधनों से किसानों को पहले राहत देने की तैयारी में है। करीब 23 हजार गांवों में कुछ फसलों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और बाकी सर्वेक्षण भी तेजी से किया जा रहा है। सरकार का प्रयास सभी प्रक्रियाएं पूरी कर किसानों को जल्द से जल्द सहायता पहुंचाने का है।
नागपुर एयरपोर्ट के लिए 27 एकड़ जमीन का रास्ता साफ
फडणवीस ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की। बैठक में नागपुर एयरपोर्ट की नई टर्मिनल इमारत के लिए आवश्यक 27 एकड़ जमीन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। यह जमीन फिलहाल भारतीय वायुसेना के कब्जे में है।
नई टर्मिनल इमारत के निर्माण के लिए आवश्यक जमीन तत्काल हस्तांतरित करने को लेकर वायुसेना ने सकारात्मक रुख अपनाया है। शेष हिस्से के लिए जरूरी निर्माण पूरा करने के बाद उसे भी हस्तांतरित किया जाएगा। बैठक में केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। निर्माण में इस्तेमाल होने वाली भारी मशीनों की आवाजाही के लिए वायुसेना परिसर में हेलिकॉप्टर पार्किंग सहित आवश्यक गतिविधियों की अनुमति देने पर भी रक्षा मंत्रालय ने सहमति जताई है। इसके लिए आवश्यक SOP तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, इससे नागपुर एयरपोर्ट टर्मिनल परियोजना की प्रमुख बाधाएं दूर हो गई हैं।
MPSC आंदोलन पर बोले फडणवीस— छात्रों की पांचों मांगों पर सरकार सकारात्मक
MPSC छात्रों के आंदोलन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र प्रतिनिधिमंडल द्वारा रखी गई पांचों मांगों पर राज्य सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाया है। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष के खिलाफ लगाए गए आरोपों की न्यायिक जांच कराने के लिए भी सरकार ने तैयारी दिखाई है। जांच में अनियमितता या कदाचार पाए जाने पर संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत आगे की कार्रवाई करने की बात कही गई है। MPSC परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए वी. राधा की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। यह समिति विद्यार्थियों, प्राध्यापकों, पूर्व विद्यार्थियों और अन्य संबंधित पक्षों से संवाद कर सुधार के सुझाव तैयार कर रही है। फडणवीस ने हालांकि आरोप लगाया कि विद्यार्थियों के मुद्दों के बजाय आंदोलन का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आंदोलन के दौरान संयम से स्थिति संभाली और राज्य सरकार के लिए विद्यार्थियों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है।
