
देवेश प्रताप सिंह राठौर
झांसी, उत्तर प्रदेश। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने ग्वालियर रोड स्थित भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के एफएसडी गोदाम का औचक निरीक्षण कर गेहूं भंडारण एवं वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जनपद में चल रही गेहूं खरीद के दौरान पर्याप्त भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित करना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत खाद्यान्न की गुणवत्ता बनाए रखना था। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गोदाम में रखे गेहूं और चावल के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया तथा स्टॉक रजिस्टर से मिलान कराया। उन्होंने बोरियों की स्टैकिंग, डनेज व्यवस्था, नमी की जांच, कीटनाशक छिड़काव और फ्यूमिगेशन की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। डीएम ने गोदाम परिसर में साफ-सफाई, अग्निशमन उपकरण, सीसीटीवी कैमरों और गेट पास प्रणाली की भी जांच की। उन्होंने निर्देश दिया कि मानसून से पहले गोदामों की छतों की लीकेज जांच अनिवार्य रूप से कर ली जाए, ताकि अनाज को किसी भी प्रकार का नुकसान न हो। उन्होंने एफसीआई प्रबंधक को निर्देशित किया कि पीडीएस के तहत उचित दर दुकानों तक खाद्यान्न का वितरण तय समय-सारिणी के अनुसार सुनिश्चित किया जाए, जिससे लाभार्थियों को समय पर राशन मिल सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भंडारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि केवल झांसी एफएसडी और पीईजी डगरवाहा डिपो में ही गेहूं प्राप्ति का कार्य चल रहा है, जबकि मोंठ और गुरसरांय स्थित डिपो अब तक सक्रिय नहीं हो सके हैं। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने निर्देश दिए कि मोंठ और गुरसरांय के दोनों डिपो को तत्काल प्रभाव से सक्रिय किया जाए और क्रय केंद्रों से गेहूं का भंडारण शुरू कराया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि गोदामों पर ट्रकों की हॉल्टिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आने वाले ट्रकों से गेहूं की अनलोडिंग तेज गति से सुनिश्चित की जाए, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके। निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आयुष सैनी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व/जिला गेहूं खरीद अधिकारी वरुण कुमार पांडेय, एफसीआई डिपो प्रबंधक, डिप्टी आरएमओ सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




