
झांसी, उत्तर प्रदेश। झांसी के जिलाधिकारी गौरांग राठी ने खनन माफियाओं और उनके संरक्षणकर्ताओं को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि आवंटित क्षेत्र के बाहर या नियमों के विरुद्ध खनन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नदी की मुख्यधारा में खनन और खनिजों का कृत्रिम अभाव पैदा कर कालाबाजारी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि बालू, मौरंग और गिट्टी जैसे खनिज आम जनता से सीधे जुड़े हैं, इसलिए इनकी कीमतों में कृत्रिम वृद्धि रोकना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि कालाबाजारी करने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम लोगों को उचित दर पर खनिज उपलब्ध हो सकें और खनन व्यवसाय सुचारु रूप से संचालित हो। उन्होंने यह भी कहा कि पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए खनन कार्य से जुड़े सभी हितधारकों को समान अवसर मिलना चाहिए और बाजार में एकाधिकार खत्म होना चाहिए। बेहतर प्रबंधन से राजस्व में वृद्धि होती है, और इस दिशा में प्रशासन लगातार प्रयासरत है। डीएम के निर्देश पर अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसडीएम टहरौली के नेतृत्व में खनिज एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई। इस टीम को विभिन्न खनन क्षेत्रों में छापामार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में उपजिलाधिकारी टहरौली गौरव आर्य ने पुलिस बल और खान निरीक्षक के साथ ग्राम कुकरगांव स्थित बेतवा नदी क्षेत्र में छापेमारी की। 29 अप्रैल 2026 को की गई इस कार्रवाई में स्वीकृत खनन पट्टों की जांच और माप की गई।जांच के दौरान पाया गया कि निर्धारित पट्टा क्षेत्र के बाहर अवैध रूप से बालू/मौरम का खनन किया जा रहा था। इस पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस छापामार कार्रवाई में एसडीएम, खान अधिकारी, तहसीलदार, क्षेत्राधिकारी पुलिस तथा खनिज प्रवर्तन दल के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।




