
धुले। महाराष्ट्र के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में औद्योगिक और सामाजिक विकास को नई दिशा देने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। धुळे जिले के शिरपुर तालुका को शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और जलसंधारण के समन्वित मॉडल के रूप में विकसित करने की योजना पर जोर दिया जा रहा है। शनिवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिरपुर तालुका में महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने और अरुणावती नदी पर बंधारे (चेक डैम) निर्माण को मंजूरी देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में धुळे जिले में करीब 40 हजार करोड़ रुपये का निवेश आया है और भविष्य में धुळे तथा नंदुरबार राज्य के प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनकर उभरेंगे। मुख्यमंत्री के हाथों स्वर्गीय तपनभाई पटेल मेमोरियल अस्पताल का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही आर.सी. पटेल फार्मेसी कॉलेज परिसर में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और औद्योगिक परियोजनाओं का उद्घाटन एवं भूमिपूजन भी संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि आज के दौर में विकास की प्राथमिकताएं केवल अन्न, वस्त्र और आवास तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार भी उतने ही महत्वपूर्ण हो गए हैं। शिरपुर ने इन तीनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति कर एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि यहां स्थापित इंजीनियरिंग, फार्मेसी और कृषि महाविद्यालयों ने इसे कुशल मानव संसाधन का केंद्र बना दिया है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि शिरपुर में आईटी पार्क स्थापित करने के लिए एंकर निवेशक की तलाश की जाएगी। साथ ही, आदिवासी विद्यार्थियों के लिए चल रही ‘सुपर 50’ योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना उनके आत्मविश्वास को बढ़ा रही है और वास्तविक आदिवासी कल्याण का उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने ‘शिरपुर पैटर्न’ जलसंधारण कार्यों की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे सूखा प्रभावित क्षेत्र में जल उपलब्धता बढ़ी है और समग्र विकास को गति मिली है। उन्होंने बताया कि जिले में रसायन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में 1600 करोड़ रुपये के उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि दोंडाईचा में 250 मेगावाट का सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट हरित ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई-दिल्ली औद्योगिक कॉरिडोर, इंदौर-मनमाड रेल परियोजना, बेहतर सड़क नेटवर्क और सिंचन सुविधाओं के कारण इस क्षेत्र में मजबूत औद्योगिक पारिस्थितिकी विकसित हो रही है। मुख्यमंत्री ने आदिवासी क्षेत्रों को राहत देते हुए घोषणा की कि राजस्व भूमि की तरह वन भूमि पट्टों पर भी जल्द ही सभी शासकीय योजनाएं लागू की जाएंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिरपुर और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार पूरी मजबूती से काम करेगी। कार्यक्रम में पालकमंत्री जयकुमार रावल, मंत्री संजय सावकारे, कई विधायक, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने शिरपुर में शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग के क्षेत्र में हुए कार्यों की सराहना करते हुए इसे राज्य के विकास का मॉडल बताया।




