मुंबई के विकास में जनभागीदारी बढ़ाएगा ‘पार्टिसिपेट मुंबई’, प्रशासनिक सेवाओं में भी होगा बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने डिजिटल मंच का किया शुभारंभ; ‘समग्र’ के साथ समझौता, 10 नए सुविधा केंद्रों के लिए हिंदुस्तान यूनिलीवर ने दिए ₹25 करोड़

मुंबई। मुंबई के विकास में नागरिकों, उद्योग जगत, स्वयंसेवी संस्थाओं और विशेषज्ञों की भागीदारी बढ़ाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने ‘पार्टिसिपेट मुंबई’ नामक नया डिजिटल भागीदारी मंच शुरू किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह केवल कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) का पैसा जुटाने का मंच नहीं, बल्कि सरकार, महानगरपालिका, कॉर्पोरेट क्षेत्र और सामाजिक संस्थाओं को एक साथ जोड़कर विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का माध्यम है। मंगलवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका सभागृह में ‘पार्टिसिपेट मुंबई’ का लोकार्पण किया गया। इसी अवसर पर महानगरपालिका की सेवा वितरण व्यवस्था में सुधार, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए ‘समग्र’ संस्था के साथ समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान भी हुआ। कार्यक्रम में कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री तथा मुंबई उपनगर जिले के सह-पालकमंत्री मंगल प्रभात लोढा, मुंबई की महापौर रितू तावडे, उपमहापौर संजय घाडी, महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे सहित महानगरपालिका के पदाधिकारी, नगरसेवक, अधिकारी तथा उद्योग और स्वयंसेवी क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ‘पार्टिसिपेट मुंबई’ के माध्यम से महानगरपालिका उन परियोजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराएगी, जिनमें बाहरी भागीदारी की आवश्यकता है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, रोजगार, पर्यावरण, उद्यान, सौंदर्यीकरण और गरीबी उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में काम करने की इच्छुक कंपनियां, स्वयंसेवी संस्थाएं और नागरिक अपनी पसंद की परियोजना चुन सकेंगे। कोई संस्था किसी विशेष क्षेत्र में अपनी योजना के अनुसार काम करना चाहती है तो वह अपना प्रस्ताव भी इस मंच पर रख सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि CSR में कितना पैसा खर्च हुआ, उससे अधिक महत्वपूर्ण यह है कि उससे लोगों के जीवन में कितना बदलाव आया। CSR के माध्यम से नई तकनीक, आधुनिक प्रबंधन प्रणाली, प्रभावी निगरानी और लचीली कार्यप्रणाली को सरकारी व्यवस्था से जोड़कर बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने मुंबई में कुपोषण, बच्चों में अवरुद्ध वृद्धि और कम वजन जैसी समस्याओं पर भी ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता बताई। विशेष रूप से झुग्गी और गरीब बस्तियों के बच्चों तक बेहतर पोषण पहुंचाने के लिए CSR भागीदारी का प्रभावी उपयोग करने पर जोर दिया। महानगरपालिका प्रशासन को अधिक तेज, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाने के लिए ‘समग्र’ के साथ किए गए समझौते को मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि समय के साथ पुरानी प्रशासनिक प्रक्रियाओं में बदलाव जरूरी है। अनावश्यक चरणों को कम करते हुए ‘बिजनेस प्रोसेस री-इंजीनियरिंग’ के माध्यम से नागरिकों को तेजी से सेवाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार ने नागरिकों के लिए करीब 1,100 सेवाओं को ऑनलाइन करने का प्रयास किया था। विश्लेषण में सामने आया कि इनमें लगभग 200 सेवाओं का नागरिकों द्वारा व्यावहारिक रूप से उपयोग ही नहीं किया जा रहा था। वहीं, करीब 45 से 47 प्रमुख सेवाओं और योजनाओं की वितरण प्रक्रिया में सुधार कर लगभग 90 प्रतिशत नागरिकों को अधिक तेज और बेहतर सेवा उपलब्ध कराई जा सकती है। इस प्रक्रिया का पुनर्गठन अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बीएमसी के भवन निर्माण विभाग में निर्माण नक्शों की जांच के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित प्रणाली शुरू की गई है। भविष्य में इस प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप न्यूनतम या शून्य करने की दिशा में काम करने का लक्ष्य होना चाहिए, जिससे मुंबई में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिल सके। महापौर रितू तावडे ने कहा कि ‘पार्टिसिपेट मुंबई’ और ‘समग्र’ के साथ समझौता मुंबई के विकास में जनभागीदारी को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक पहल है। उन्होंने कहा कि CSR केवल ‘चेक’ देने तक सीमित नहीं, बल्कि ‘चेंज’ लाने का माध्यम होना चाहिए। मुंबईकर, उद्योग, संस्थाएं और स्वयंसेवी संगठनों की क्षमता को महानगरपालिका की जरूरतों से जोड़ने का काम यह मंच करेगा। महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे ने कहा कि ‘पार्टिसिपेट मुंबई’ के जरिए उद्योग, कॉर्पोरेट संस्थाएं, स्वयंसेवी संगठन, विशेषज्ञ और नागरिक महानगरपालिका की विभिन्न परियोजनाओं में धन, वस्तुओं, विशेषज्ञता अथवा स्वयंसेवा के माध्यम से योगदान कर सकेंगे। वहीं ‘समग्र’ के सहयोग से महानगरपालिका की आंतरिक प्रशासनिक क्षमता और सेवा वितरण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री फडणवीस ने ‘पार्टिसिपेट मुंबई’ और ‘समग्र’ पहल की सूचना पुस्तिका का अनावरण भी किया। इस अवसर पर मुंबई में स्थापित किए जाने वाले 10 नए सुविधा केंद्रों के लिए हिंदुस्तान यूनिलीवर की ओर से CSR के तहत ₹25 करोड़ की राशि बृहन्मुंबई महानगरपालिका को सौंपी गई।
