2027 होगा महाराष्ट्र का ‘मेट्रो वर्ष’, कम से कम 70 किमी मेट्रो मार्ग पूरा करने का लक्ष्य: सीएम फडणवीस
दिसंबर 2026 तक 36 की जगह 50 किमी मेट्रो पूरा करने के निर्देश, शिवड़ी-वर्ली एलिवेटेड कनेक्टिविटी 31 मई 2027 तक खोलने का लक्ष्य

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वर्ष 2027 को ‘मेट्रो वर्ष’ के रूप में मनाने का लक्ष्य तय करते हुए अगले वर्ष लंबित कार्यों सहित कम से कम 70 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइनों का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही दिसंबर 2026 तक प्रस्तावित 36 किलोमीटर मेट्रो मार्ग की सीमा बढ़ाकर 50 किलोमीटर तक पहुंचाने के लिए काम में तेजी लाने को कहा है। सोमवार को सह्याद्री अतिथि गृह में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए गठित मुख्यमंत्री वॉर रूम की बैठक में फडणवीस ने विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में नगर विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाळ भी उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए कम से कम 50 प्रतिशत काम मशीनीकरण आधारित होना चाहिए। कुशल श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ श्रमिकों की कमी का समाधान भी मशीनीकरण के माध्यम से खोजा जाए।
मेट्रो-2B के लिए रविवार को 12 घंटे का रोड ब्लॉक
मेट्रो लाइन-2B के डी.एन. नगर से चेंबूर मार्ग पर जुहू सर्कल के पास गर्डर का काम पूरा करने के लिए आवश्यकता के अनुसार रविवार को 12 घंटे का विशेष रोड ब्लॉक लेने की योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। मौजूदा काम की स्थिति देखने के बाद अगले रोड ब्लॉक पर फैसला लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा।
शिवड़ी-वर्ली एलिवेटेड मार्ग 31 मई 2027 से पहले पूरा करें
मुख्यमंत्री ने शिवड़ी से वर्ली एलिवेटेड मार्ग की कनेक्टिविटी 31 मई 2027 से पहले पूरी कर इसे नागरिकों के लिए खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी नए मार्ग को दूसरे मार्ग से जोड़ते समय वहां भविष्य में ट्रैफिक जाम न हो, इसकी योजना पहले ही तैयार की जानी चाहिए। वाकोला जंक्शन पर ट्रैफिक जाम की समस्या का तकनीक के माध्यम से तत्काल समाधान खोजने तथा पश्चिमी एक्सप्रेस हाईवे पर ट्रैफिक जाम वाले स्थानों की पहचान कर आवश्यक उपाय करने के निर्देश भी दिए गए।
भूमिगत सुविधाओं की होगी डिजिटल मैपिंग
फडणवीस ने MMRDA, मुंबई महानगरपालिका और अन्य एजेंसियों को भूमिगत नागरिक सुविधाओं का अद्यतन ‘मैपिंग’ करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसी व्यवस्था विकसित करने को कहा जिससे सड़क, मेट्रो या दूसरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का काम करते समय भूमिगत सुविधाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो और परियोजनाओं को पूरा करने में लगने वाला समय कम किया जा सके। निर्माण स्थलों पर नागरिकों और कामगारों की सुरक्षा के लिए दिशा-सूचक बोर्ड, बैरिकेड और अन्य सुरक्षा उपाय अनिवार्य रूप से करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने परियोजना स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए अलग कंपनी स्थापित कर बेहद कम दर पर ये सेवाएं उपलब्ध कराने वाला नया व्यावसायिक मॉडल विकसित करने का भी सुझाव दिया।
देरी करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी
छत्रपति संभाजीनगर जलापूर्ति योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने शहर के हर घर को नल कनेक्शन देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना इस तरह बनाई जाए कि नल कनेक्शन देते समय दोबारा खुदाई न करनी पड़े। फडणवीस ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि ठेकेदारों से केवल काम कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि परियोजना का निर्धारित उद्देश्य हासिल होना चाहिए। समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी परियोजना पूरी नहीं करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। मेट्रो लाइन-6 के स्वामी समर्थ नगर से विक्रोली के बीच भूमि कब्जे और न्यायालयीन प्रक्रिया से संबंधित कार्रवाई भी तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में शिवड़ी-वर्ली एलिवेटेड रोड कनेक्टिविटी, मेट्रो-9 दहिसर पूर्व से मीरा-भाईंदर, मेट्रो-5 ठाणे से धामणकर नाका और कशेली डिपो, मेट्रो-2B डी.एन. नगर से डायमंड गार्डन-मंडाले, मेट्रो-6 स्वामी समर्थ नगर से विक्रोली तथा छत्रपति संभाजीनगर शहर जलापूर्ति योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, अपर मुख्य सचिव (राजस्व) विकास खारगे, अपर मुख्य सचिव (नगर विकास) के. गोविंदराज, MMRDA महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी और अपर मुख्य सचिव (जलापूर्ति) पराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
