
मुंबई। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने मंगलवार को बॉम्बे हाई कोर्ट को बताया कि उसने अपने पूर्व ज़ोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के खिलाफ जांच शुरू की है। एजेंसी के अनुसार यह जांच दो मामलों में कथित अनियमितताओं को लेकर की जा रही है और यह किसी गुमनाम शिकायत के आधार पर नहीं, बल्कि नाम-पता वाली शिकायतों के आधार पर शुरू की गई है। साथ ही एनसीबी ने स्पष्ट किया कि इस जांच का नवाब मलिक से कोई संबंध नहीं है और न ही यह उनके कहने पर शुरू की गई है। एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र) विशाल सनाप ने अदालत में एक हलफनामा दायर किया, जो वानखेड़े की 2025 की उस याचिका के जवाब में है, जिसमें उन्होंने एजेंसी द्वारा जारी नोटिसों को चुनौती दी थी। एजेंसी इस समय सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े ड्रग्स मामले में कथित अनियमितताओं की प्रारंभिक जांच कर रही है। हलफनामे में कहा गया है कि जांच दो विशिष्ट, गैर-गुमनाम शिकायतों के आधार पर शुरू की गई है और इनमें से कोई भी शिकायत नवाब मलिक द्वारा दर्ज नहीं कराई गई है। वहीं, वानखेड़े की ओर से पेश वकील राजीव चव्हाण ने अदालत में जवाबी हलफनामा दाखिल करते हुए दावा किया कि अधिकारी को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2021 के कॉर्डेलिया क्रूज़ ड्रग्स मामले में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की गिरफ्तारी के बाद से वानखेड़े के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए हैं। बचाव पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि नवाब मलिक के साथ वानखेड़े की व्यक्तिगत रंजिश थी, क्योंकि उन्होंने मलिक के दामाद समीर खान को एक ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया था। एनसीबी ने अपने पक्ष में कहा कि उसे शिकायतों में लगाए गए आरोपों की जांच करने का अधिकार और कर्तव्य है, और वर्तमान जांच केवल पुष्टि के चरण में है। एजेंसी ने यह भी बताया कि वानखेड़े को पूछताछ के लिए बुलाना उन्हें अपना पक्ष रखने का निष्पक्ष अवसर देने के लिए है। साथ ही, एनसीबी ने आरोप लगाया कि वानखेड़े 2024 से विभिन्न याचिकाएं दाखिल कर जांच प्रक्रिया में देरी कर रहे हैं। मंगलवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाता की पीठ ने वानखेड़े के वकील के अनुरोध पर मामले को दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया। गौरतलब है कि यह जांच समीर वानखेड़े द्वारा संभाले गए ड्रग्स मामलों, जिनमें सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़ी जांच और नशीले पदार्थों की ज़ब्ती के मामले शामिल हैं, में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। 2020 में राजपूत की मौत के बाद एनसीबी ने फिल्म इंडस्ट्री में ड्रग्स के उपयोग की जांच का दायरा बढ़ाया था, जिसमें रिया चक्रवर्ती, उनके भाई शोविक चक्रवर्ती समेत कई लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे। बाद में वानखेड़े की जांच में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आईं। इसके अलावा, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भी वानखेड़े पर 2021 के क्रूज ड्रग्स मामले में आर्यन खान को फंसाने से बचाने के लिए 25 करोड़ रुपये की कथित मांग का आरोप लगाया है। फिलहाल, वानखेड़े को इस मामले में हाई कोर्ट से अंतरिम राहत प्राप्त है।




