ठाकरे बंधुओं के ‘गर्जना मोर्चा’ पर पुलिस का शिकंजा, आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के विरोध में सड़क पर उतरे थे उद्धव-राज ठाकरे

मुंबई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया के विरोध में रविवार, 4 अक्टूबर को मुंबई में निकाले गए ठाकरे बंधुओं के विशाल ‘गर्जना मोर्चा’ के बाद आयोजकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बिना अनुमति मार्च आयोजित करने को लेकर आजाद मैदान पुलिस ने मोर्चे के आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इससे पहले पुलिस की ओर से कहा गया था कि मुंबई में आजाद मैदान के अलावा अन्य स्थान पर मोर्चे की अनुमति नहीं दी गई है। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे के नेतृत्व में यह मोर्चा मेट्रो सिनेमा से शुरू होकर BMC मुख्यालय तक पहुंचा, जहां जनसभा हुई। मोर्चे में महा विकास आघाड़ी के घटक दलों समेत विभिन्न विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। मोर्चे के दौरान राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखे राजनीतिक हमले किए। राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में SIR प्रक्रिया रद्द करने की मांग भी उठाई। इससे दो दिन पहले शिवाजी पार्क में भी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP ने अभिजीत दीपके के नेतृत्व में प्रदर्शन किया था। उस प्रदर्शन के सिलसिले में शिवाजी पार्क पुलिस ने आयोजकों और 400 से अधिक अज्ञात समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इधर, गर्जना मोर्चे को लेकर भाजपा ने भी ठाकरे बंधुओं पर हमला बोला। भाजपा नेता आशीष शेलार ने पत्रकार परिषद में राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के राजनीतिक मतभेदों का जिक्र करते हुए उनके एक साथ आने पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ा जा रहा है। यह भाजपा की ओर से व्यक्त राजनीतिक प्रतिक्रिया है।
