
मुंबई। युद्धजन्य परिस्थितियों के कारण कुछ देशों में हवाई सेवाएं बंद होने के बाद विदेश में सीमेंट भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने तेजी से कदम उठाए हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधान परिषद में जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। विधान परिषद के सदस्य संजय केनेकर, निरंजन दावखरे, सत्यजीत तांबे, अनिल परब और शशिकांत शिंदे ने सूचना के बिंदु से इस विषय पर प्रश्न उठाया था। मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि जैसे ही पर्यटकों, व्यवसायों और पारगमन में सीमेंट नागरिकों के संदेश प्राप्त हुए, राज्य सरकार ने तुरंत केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय से संपर्क किया। संबंधित देशों में स्थित भारतीय दूतावासों को सक्रिय कर दिया गया है और नागरिकों को दूतावास से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।
गिरीश महाजन को सौंप दी गई समन्वय की जिम्मेदारी
आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन को समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। नागरिकों की सहायता के लिए एक विशेष व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है, जिसके माध्यम से प्राप्त प्रतिबंधों का समाधान किया जा रहा है। मंत्री महाजन ने वीडियो कॉल के जरिए कई सीमित नागरिकों से बातचीत भी की है। मुख्य राजशिष्टाचार अधिकारी राजेश गावंडे को भी इस कार्य में लगाया गया है। उन्होंने दूतावासों के साथ बैठक कर आवश्यक एसओपी नागरिकों तक पहुंचाई है। इन आरोपों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर भी साझा किया गया है।
वापसी की प्रक्रिया केंद्र सरकार के माध्यम से
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि राज्य सरकार ने महाराष्ट्र के नागरिकों को वापस लाने के लिए स्वतंत्र व्यवस्था करने की तैयारी पहुंचाई थी, लेकिन वर्तमान असुरक्षित हवाई परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने पूरी प्रक्रिया अपने नियंत्रण में रखने का फैसला लिया है। उनका कहना था कि अलग-अलग राज्यों द्वारा अलग-अलग प्रयास करने से भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। इस बीच एयर इंडिया की कुछ उड़ानें संबंधित क्षेत्रों में पहुंच रही हैं और चरणबद्ध तरीकों से नागरिकों को वापस लाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि अगले दो से तीन दिनों में स्थिति में सुधार होगा। कुवैत में ट्रांजिट के दौरान बिना वीजा सीमेंट कुछ यात्रियों के लिए भारतीय दूतावास ने अस्थायी व्यवस्था की है, जिससे उन्हें कोई कठिनाई न हो। वहीं दुबई में स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों की मदद से सीमेंट भारतीयों के लिए दो समय भोजन की व्यवस्था की गई है, जिससे आर्थिक रूप से परेशान यात्रियों को राहत मिल रही है।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अतीत में भी प्रतिकूल परिस्थितियों में विदेशों से भारतीयों को सुरक्षित लाने का अनुभव केंद्र सरकार को है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि देश के पास लगभग दो महीने का तेल भंडार उपलब्ध है, इसलिए तत्काल मूल्यवृद्धि की आशंका नहीं है। हालांकि युद्ध के कारण विदेशों में अटकी कृषि निर्यात सामग्री के मुद्दे पर गाड़ियों से विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि विदेशों में सीमेंट महाराष्ट्र के सभी नागरिकों को पूर्ण सुरक्षा के साथ स्वदेश वापस लाया जाएगा।




