
मुंबई। राज्य में ‘स्मार्ट आंगनवाड़ी’ योजना को अभिनव पहल के रूप में लागू किया जा रहा है और इस योजना के क्रियान्वयन में महाराष्ट्र देश में अग्रणी बन गया है। अब तक राज्य की 24,700 से अधिक आंगनवाड़ियों को स्मार्ट किट वितरित की जा चुकी है। यह जानकारी महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने गुरुवार को विधान परिषद के प्रश्नकाल के दौरान दी। इस विषय पर प्रश्न सदस्य उमा खापरे ने उठाया, जबकि पूरक प्रश्न प्रवीण दरेकर, सदाभाऊ खोत, चित्रा वाघ, प्रसाद लाड, राजेश राठोड, अमोल मिटकरी तथा ज. मो. अभ्यंकर ने पूछे।
1.10 लाख से अधिक आंगनवाड़ियां, हर वर्ष 5,000 को स्मार्ट किट
मंत्री तटकरे ने बताया कि राज्य में कुल 1.10 लाख से अधिक आंगनवाड़ियां संचालित हैं। सरकार ने प्रतिवर्ष 5,000 आंगनवाड़ियों को स्मार्ट किट उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके लिए लगभग 90 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाता है। स्मार्ट किट प्रदान करने की शर्त यह है कि संबंधित आंगनवाड़ी भवन सरकार की स्वामित्व वाली भूमि पर स्थित होना चाहिए। स्मार्ट किट आपूर्ति के लिए तीन वर्ष की अवधि का टेंडर निकाला जाता है, जबकि प्रशासनिक स्वीकृति और कार्यारंभ आदेश प्रतिवर्ष जारी किए जाते हैं। यह पूरी प्रक्रिया राज्य सरकार के वित्तीय नियमों के अनुसार संपन्न की जाती है।
पालघर में लंबित प्रकरणों पर निर्देश
मंत्री ने कहा कि पालघर जिले में यदि आंगनवाड़ी हस्तांतरण से संबंधित मामले लंबित हैं तो जिलाधिकारी को प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए जाएंगे। नई आंगनवाड़ियों के लिए जिला नियोजन के 3 प्रतिशत आरक्षित निधि से प्राथमिकता के आधार पर प्रावधान किया जाएगा। टीएचआर (टेक होम राशन) से संबंधित दिशा-निर्देशों में आवश्यक बदलाव के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर संशोधित मानकों के अनुसार पोषण आहार उपलब्ध कराया जाएगा। नई शिक्षा नीति के अनुरूप स्कूल शिक्षा विभाग के समन्वय से आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। मंत्री तटकरे ने कहा कि इस योजना के माध्यम से बच्चों के समग्र विकास, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार लाने का लक्ष्य रखा गया है।




