
मुंबई। राज्य में पिछले लगभग चार वर्षों से स्थगन की राजनीति समाप्त होकर प्रगति की दौड़ शुरू हो चुकी है और महाराष्ट्र अब एक नई औद्योगिक क्रांति की ओर अग्रसर है। राज्य के विकास की गति को अब कोई नहीं रोक सकता। औद्योगिक निवेश के मामले में महाराष्ट्र आज भी देश में नंबर एक है। यह बात उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा का उत्तर देते हुए कही। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने दिवंगत नेता अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की। उन्होंने कहा कि उनके निधन से यह अधिवेशन शोकाकुल है और उन्होंने हमेशा विकास की राजनीति को प्राथमिकता दी।
औद्योगिक निवेश में महाराष्ट्र अव्वल
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र निवेश के लिए राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी पसंदीदा राज्य बन चुका है। देश के कुल जीडीपी में राज्य की हिस्सेदारी 13.5 प्रतिशत है। वर्ष 2024-25 में महाराष्ट्र को 1 लाख 64 हजार 875 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त हुआ, जो देश के कुल निवेश का 39 प्रतिशत है। चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में ही 91 हजार 337 करोड़ रुपये का निवेश राज्य में आया है। उन्होंने बताया कि दावोस में 18 देशों की कंपनियों के साथ लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए गए, जिनमें से 82 प्रतिशत करार अमल के चरण में हैं। इन निवेशों के माध्यम से क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में बड़े प्रकल्प साकार होंगे।
बुनियादी ढांचा विकास को गति
मुंबई सहित पूरे राज्य का चेहरा बदलने वाले कई प्रकल्पों की जानकारी देते हुए शिंदे ने कहा कि मुंबई में एशिया का सबसे बड़ा ‘ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर’ स्थापित किया जाएगा, जिससे 45 हजार रोजगार सृजित होंगे। पालघर जिले का वाधवन बंदरगाह जेएनपीटी से तीन गुना अधिक क्षमता वाला होगा और इसे ‘गेमचेंजर’ परियोजना बताया गया। इससे 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 50 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है। इसके अलावा समृद्धि महामार्ग, कोस्टल रोड और अटल सेतु जैसे प्रकल्पों से राज्य की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
औद्योगिक विकास का विकेंद्रीकरण
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विकास को केवल मुंबई-पुणे तक सीमित नहीं रखा गया है। उत्तर महाराष्ट्र में 50 हजार करोड़ रुपये तथा अहिल्यानगर जिले में 11 हजार 519 करोड़ रुपये का निवेश आ रहा है। छत्रपति संभाजीनगर देश का पहला स्मार्ट इंडस्ट्रियल सिटी बन चुका है और भविष्य में यह इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनेगा। राज्य के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2026 को ‘भर्ती वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। पहले चलाए गए 75 हजार रिक्त पदों के अभियान के अंतर्गत 1 लाख 53 हजार पदों में से अब तक 85 हजार 363 उम्मीदवारों को नियुक्ति दी जा चुकी है। सरकार ने स्पष्ट किया कि सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं और पूरी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासनिक सुधार के लिए ‘जीपीआर 2.0’ पहल शुरू की गई है, जिसकी सराहना स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की है। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने अंत में कहा कि सरकार 24 घंटे जनता की सेवा में तत्पर है और महाराष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की विकास यात्रा अब निरंतर जारी रहेगी। राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा में परिषद के अनेक सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त किए।




