मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर रोहित पवार का चुनाव आयोग पर हमला
कहा— मृत व्यक्ति के नाम पर मतदान हमने दिखाया, पुणे शिक्षक मतदाता सूची में ‘बॉम्बस्फोट’ जैसी गलत प्रविष्टि पर भी उठाए सवाल

मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग और सरकार पर तीखा हमला बोला है। पवार ने दावा किया कि उनकी ओर से पहले मृत व्यक्ति के नाम पर मतदान होने का मामला सामने लाया गया था और अब मतदाता सूची में सामने आ रही त्रुटियां चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। रोहित पवार ने कहा कि पुणे विभाग की शिक्षक मतदाता सूची में एक मतदाता के नाम के साथ ‘बॉम्बस्फोट’ जैसी विचित्र प्रविष्टि सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, सातारा के वाई तालुका के मतदाता प्रशांत बोंबले के नाम की मराठी प्रविष्टि में यह गलती हुई थी। सातारा जिला प्रशासन ने इसे तकनीकी/भाषांतरण संबंधी त्रुटि बताते हुए कहा है कि अंग्रेजी सूची में नाम सही था और गलती को सुधार दिया गया है। पवार ने कहा, “ये सभी गड़बड़ियां हैं तो चुनाव किसलिए? महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति है, वहां ध्यान दिया जाना चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने का प्रयास हो रहा है और कहा कि उन्हें चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वे विद्यार्थियों के साथ चर्चा कर उनकी भूमिका समझने के बाद अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे। रोहित पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोने की खरीद टालने और खाद्य तेल का इस्तेमाल कम करने संबंधी अपील पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा- खाद्य तेल इस्तेमाल मत करो, सोना मत खरीदो, यह बताने वाले आप कौन हैं? मई 2026 में प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया के संघर्ष के आर्थिक प्रभावों के बीच लोगों से सोने की खरीद कुछ समय टालने और खाद्य तेल सहित कुछ आयात-निर्भर वस्तुओं की खपत कम करने की अपील की थी। इसके अलावा रोहित पवार ने कहा कि वह 10 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ‘मफलर मैन’ कौन है, इसका खुलासा करेंगे। इससे पहले उन्होंने दिवंगत अजित पवार से जुड़े मामले को लेकर एक ‘मफलर पहनने वाले’ नेता की भूमिका पर सवाल उठाए थे, लेकिन उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया था। यह फिलहाल पवार का आरोप है और संबंधित व्यक्ति की पहचान उन्होंने सार्वजनिक नहीं की है। रोहित पवार ने राम शिंदे को लेकर भी टिप्पणी की और उनकी नियुक्ति तथा तीन संतानों के मुद्दे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल उनका राजनीतिक विरोधी होने के कारण किसी व्यक्ति को किसी पद पर बैठाना उचित नहीं है। अजित पवार को याद करते हुए रोहित पवार ने कहा कि उनके निधन को आठ महीने हो चुके हैं, लेकिन सरकार हाथ पर हाथ रखकर बैठी है। उन्होंने दावा किया कि यदि अजित पवार आज होते तो किसानों को तत्काल सहायता दिलाने के लिए कदम उठाते। साथ ही उन्होंने दोहराया कि कथित ‘मफलर मैन’ के पीछे जिस व्यक्ति का चेहरा है, उसका नाम वह आने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में सार्वजनिक करेंगे।
