जरूरतमंद बच्चों को हर महीने ₹2,250 की आर्थिक मदद, सीधे बैंक खाते में आएगी राशि
‘क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले बालसंगोपन योजना’ के तहत अनाथ, बेघर और एकल अभिभावक वाले बच्चों को लाभ; परिवार की वार्षिक आय ₹2.50 लाख से कम होना जरूरी

मुंबई। महाराष्ट्र में अनाथ, बेघर, एकल अभिभावक वाले तथा गंभीर परिस्थितियों का सामना कर रहे 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के पात्र बच्चों और उनके देखभालकर्ताओं को हर महीने ₹2,250 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ‘क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले बालसंगोपन योजना’ के तहत मिलने वाली यह राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से लाभार्थी या बच्चे की देखभाल करने वाले व्यक्ति के बैंक खाते में जमा की जाती है। योजना का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को बालगृह में रखने के बजाय उनके रिश्तेदारों के साथ पारिवारिक वातावरण में रहने का अवसर देना है, ताकि उनका समग्र विकास हो सके और उन्हें शिक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सुविधाएं मिलती रहें। महिला एवं बाल विकास विभाग सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से राज्य में इस योजना का क्रियान्वयन कर रहा है। योजना के तहत अनाथ, बेघर, एकल अभिभावक वाले बच्चे, बीमार या दिव्यांग माता-पिता के बच्चे, जेल में सजा काट रहे कैदियों के बच्चे, घरेलू हिंसा या गंभीर बीमारी से प्रभावित माता-पिता के बच्चे, बाल मजदूर और सड़कों पर रहने वाले बच्चे पात्र हो सकते हैं। इसके अलावा बाल कल्याण समिति द्वारा देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले घोषित बच्चों को भी योजना का लाभ दिया जाता है। योजना का लाभ लेने के लिए बच्चे का महाराष्ट्र का निवासी होना जरूरी है और परिवार की वार्षिक आय ₹2.50 लाख से कम होनी चाहिए। गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है। आवेदन के साथ बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र या बोनाफाइड प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, बच्चे और अभिभावक अथवा देखभालकर्ता से जुड़े बैंक खाते की पासबुक तथा बच्चे का माता-पिता या देखभालकर्ता के साथ घर के सामने का फोटो जमा करना होगा। लागू होने की स्थिति में माता-पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र और स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे का बोनाफाइड प्रमाणपत्र भी देना होगा।
मुंबई में यहां कर सकते हैं संपर्क
मुंबई शहर जिले में सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त प्रवास फाउंडेशन और मानव विकास फाउंडेशन इस योजना का क्रियान्वयन कर रहे हैं। पात्र बच्चों के माता-पिता या रिश्तेदार जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी कार्यालय, स्थानीय बाल कल्याण समिति या मान्यता प्राप्त स्वयंसेवी संस्था के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी कार्यालय, मुंबई शहर ने नागरिकों, स्कूलों, सामाजिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों से अपने आसपास के अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों तक इस योजना की जानकारी पहुंचाने और पात्र बच्चों को इसका लाभ दिलाने के लिए आगे आने की अपील की है। अधिक जानकारी के लिए जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी कार्यालय, मुंबई शहर, प्रथम मंजिल, 117 बीडीडी चॉल, वरली, मुंबई–400018 में संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
