
देवेश प्रताप सिंह राठौर
झांसी, उत्तर प्रदेश। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (अभाविप) कानपुर प्रान्त के नवनिर्वाचित प्रान्त मंत्री श्री दिनेश यादव के झांसी प्रथम आगमन पर संगठन के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बुन्देलखण्ड महाविद्यालय से लेकर इलाईट चौराहा, बस स्टैंड होते हुए बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय तक कार्यकर्ताओं ने पुष्पमालाओं, भारत माता की जय और विद्यार्थी परिषद् के गगनभेदी नारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर झांसी महानगर, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय इकाई के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिसने अभाविप की संगठनात्मक मजबूती और राष्ट्रवादी छात्र चेतना को रेखांकित किया।
स्वागत कार्यक्रम के पश्चात प्रान्त मंत्री श्री दिनेश यादव ने कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक की। बैठक में 10 जनवरी से 23 जनवरी तक आयोजित होने वाले ‘युवा कुम्भ’, नवीन शैक्षणिक सत्र में परिषद् की भूमिका, शैक्षणिक परिसरों की वर्तमान स्थिति तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् किसी सत्ता-केंद्रित उद्देश्य से नहीं, बल्कि राष्ट्र, समाज और शिक्षा के मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित एक विचाराधारित छात्र आंदोलन है, जो संगठित छात्रशक्ति को राष्ट्रनिर्माण की दिशा में निरंतर प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में देशविरोधी, वामपंथी और विघटनकारी विचारधाराएँ विद्यार्थियों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही हैं। ऐसे में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् राष्ट्रवादी चेतना के साथ विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से खड़ी है। परिषद् का प्रत्येक कार्यकर्ता निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए कार्य करता है।
प्रान्त मंत्री ने वीर अभई की नगरी उरई में संपन्न हुए अभाविप कानपुर प्रान्त के 65वें प्रान्त अधिवेशन की जानकारी देते हुए बताया कि यह अधिवेशन संगठनात्मक दृष्टि से ऐतिहासिक रहा। प्रान्त भर से आए प्रतिनिधियों ने शिक्षा, छात्रहित, राष्ट्रीय सुरक्षा, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर गंभीर मंथन किया। अधिवेशन में पारित चार प्रस्ताव आने वाले समय में छात्र, समाज और राष्ट्र के लिए दिशा तय करने वाले सिद्ध होंगे। उन्होंने आगे कहा कि आज शिक्षा के व्यवसायीकरण, शैक्षणिक सुविधाओं के अभाव, छात्रों की उपेक्षा, शैक्षणिक परिसरों में अनुशासनहीनता और भारत-विरोधी मानसिकता के विस्तार जैसी गंभीर चुनौतियाँ सामने हैं। इन सभी मुद्दों पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् सजग प्रहरी की भूमिका निभा रही है और आवश्यकता पड़ने पर संवाद से लेकर सड़क तक, हर मंच पर छात्रहित में संघर्ष और निर्णायक आंदोलन के लिए प्रतिबद्ध है। स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले ‘युवा दिवस’ कार्यक्रमों के माध्यम से अभाविप युवाओं में राष्ट्रप्रेम, चरित्र निर्माण और सामाजिक दायित्व की भावना को और अधिक सशक्त करने का संकल्प लेगी।




