HomeMaharashtraरेजिडेंट डाक्टरों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का मामला

रेजिडेंट डाक्टरों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का मामला

मेडिकल डायरेक्टर ने केईएम, नायर, सायन और कूपर अस्पताल के डीन को तत्काल एक्शन लेने का दिया आदेश, एनसीपी ने की थी जांच की मांग

मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा संचालित मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टरों को सिनीयर डाॅक्टरों और एचओडी द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का मामला तूल पकडता नजर आ रहा है। अंग्रेजी दैनिक टाईम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के आधार पर मुंबई एनसीपी के सचिव ऍड. डॉ. वेद तिवारी ने मेडिकल एज्युकेशन डायरेक्टर डॉ. नीलम अंद्रादे से मुलाकात कर रेजिडेंट डॉक्टरों को सिनीयर डाॅक्टरों और एचओडी द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का मामला उठाया था। उन्होंने इस मामले की फैक्ट फाइंडिंग कमिटी द्वारा जांच कराने हेतु निवेदन भी मेडिकल डायरेक्टर को सौंपा था। ऍड. तिवारी द्वारा दिए गए निवेदन पर संज्ञान लेते हुए मेडिकल एज्युकेशन डायरेक्टर डॉ. नीलम अंद्रादे ने केईएम, नायर, सायन और कूपर अस्पताल के डीन को इस मामले में तत्काल एक्शन लेने के आदेश जारी किए हैं। पाठकों को ज्ञात हो की कुछ दिनों पहले एक गुमनाम पत्र ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा संचालित मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टरों को सिनीयर डाॅक्टरों और एच ओ डी द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने, सार्वजनिक तौर पर अपमानित किए जाने का गंभीर आरोप लगाया था। इस पत्र में कुछ प्रोफेसर के खिलाफ ऑडियो विजुअल सबूत उपलब्ध होने की बात भी लिखी गई थी। वर्ष २०१९ में मनपा द्वारा संचालित नायर अस्पताल में आत्महत्या करने वाली रेजिडेंट डॉक्टर डॉ पायल तडवी का अप्रत्यक्ष उल्लेख करते हुए पत्र में दावा किया गया था कि प्रत्येक सुपर स्पेशियलिटी विभाग के चार से पांच रेजिडेंट डॉक्टर डिप्रेशन में हैं या चिंता से पीड़ित हैं।

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