बांगरमऊ में भारी बिजली कटौती से लोग बेहाल
उमस और गर्मी में घंटों गुल रहती है बिजली, कंट्रोल रूम का नंबर बंद मिलने और अधिकारियों के फोन न उठाने का आरोप

उन्नाव, उत्तर प्रदेश। कस्बा बांगरमऊ और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों रात के समय लगातार हो रही बिजली कटौती से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। गर्मी और उमस के बीच घंटों बिजली गुल रहने से लोगों को रात गुजारना मुश्किल हो रहा है। इसका सबसे अधिक असर विद्यार्थियों, बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों और छोटे बच्चों पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन के समय किसी तरह बिजली कटौती सहन कर ली जाती है, लेकिन रात में लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने से परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। बिजली नहीं रहने से घरों में पंखे और कूलर बंद हो जाते हैं और उमस के कारण लोगों को सोने तक में परेशानी होती है। बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए स्थिति और अधिक कठिन हो जाती है। रात की बिजली कटौती का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को बिजली नहीं रहने पर मोबाइल की रोशनी या अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। अभिभावकों ने मांग की है कि कम से कम रात के समय बिजली आपूर्ति सुचारु रखी जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि बांगरमऊ विद्युत सब स्टेशन के कंट्रोल रूम का मोबाइल नंबर कई बार स्विच ऑफ मिलता है। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा फोन नहीं उठाए जाने के कारण उपभोक्ताओं को यह जानकारी भी नहीं मिल पाती कि बिजली कटौती क्यों हुई और आपूर्ति कब बहाल होगी। नगरवासियों ने विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों से रात के समय हो रही बिजली कटौती की वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग की है। साथ ही कंट्रोल रूम का संपर्क नंबर नियमित रूप से चालू रखने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का फोन पर जवाब देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा के लिए उपभोक्ताओं को रात में घंटों परेशान नहीं होना चाहिए। विभाग को फॉल्ट और जरूरी तकनीकी कार्यों को छोड़कर अनावश्यक कटौती से बचना चाहिए। नगरवासियों ने उच्चाधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर बांगरमऊ में रात की बिजली कटौती की समस्या दूर करने और कंट्रोल रूम की संचार व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।
