खाकी पर दाग: विधायक के फार्म हाउस में गैंगरेप, पुलिसकर्मी और CRPF जवान गिरफ्तार

अमरोहा, उत्तर प्रदेश। हसनपुर क्षेत्र के एक फार्म हाउस में हरियाणा की युवती से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले की जांच में नए तथ्य सामने आ रहे हैं। युवती ने पुलिस को बताया कि करीब एक साल पहले फेसबुक पर उसकी दोस्ती ‘भावना’ नाम की महिला से हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि जिस फेसबुक अकाउंट के जरिए यह दोस्ती हुई, उससे जुड़ा मोबाइल नंबर सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल मोहित के पास मिला और पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है। मामले में दो सीआरपीएफ कर्मियों और यूपी पुलिस के दो कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। युवती के मुताबिक, वह हरियाणा के फतेहाबाद की रहने वाली है और एक निजी कंपनी में काम करती है। उसकी ‘भावना’ से कभी प्रत्यक्ष मुलाकात नहीं हुई थी और काफी समय से दोनों के बीच बातचीत भी बंद थी। आरोप है कि हाल में उसी फेसबुक संपर्क के जरिए उसे मोहित से मिलने के लिए कहा गया। पुलिस ने जांच की तो संबंधित फेसबुक अकाउंट बंद मिला। अकाउंट पर दर्ज मोबाइल नंबर की सर्विलांस लोकेशन अमरोहा में मिलने और उस नंबर के मोहित द्वारा इस्तेमाल किए जाने की बात जांच में सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस जांच के मुताबिक, मामले में आरोपी सीआरपीएफ कर्मियों और यूपी पुलिसकर्मियों की पहले से जान-पहचान थी। युवती को अमरोहा के हसनपुर क्षेत्र में लाया गया और बाद में सभी झुलपुरी स्थित एक फार्म हाउस पहुंचे। विभिन्न रिपोर्टों में इस फार्म हाउस को उत्तराखंड की खानपुर सीट के निर्दलीय विधायक उमेश शर्मा से जुड़ा बताया गया है। उपलब्ध पुलिस कार्रवाई में विधायक को इस मामले का आरोपी नहीं बनाया गया है। फार्म हाउस के केयरटेकर के अनुसार, आरोपी वहां ठहरने के लिए पहुंचे थे। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, फार्म हाउस में कमरा हासिल करने के दौरान युवती को गृह मंत्रालय की अधिकारी और सीआरपीएफ कर्मियों को उसके सुरक्षाकर्मी के रूप में पेश किया गया था। युवती ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि फार्म हाउस पर उसके साथ जबरदस्ती की गई। मामले में सीआरपीएफ से जुड़े मोहित और लालाराम यादव, यूपी पुलिस के दरोगा संजय तोमर और पुलिसकर्मी प्रमोद को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार युवती का मेडिकल कराया गया है और उसके बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन तथा आरोपियों के आपसी संपर्क की जांच की जा रही है। मामले में दरोगा संजय तोमर की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आपके दिए विवरण के अनुसार, घटना वाली रात उसकी ड्यूटी वारंटियों को पकड़ने के अभियान में दर्ज थी, जबकि फार्म हाउस पर पुलिस पहुंचने के समय वह वहां मौजूद मिला। पुलिस स्थानीय स्तर पर किसी अन्य पुलिसकर्मी की भूमिका या मदद की भी जांच कर रही है। एसपी लखन सिंह यादव के मुताबिक मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की गई है और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले से संबंधित रिपोर्ट सीआरपीएफ अधिकारियों को भी भेजी गई है। इस घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका बयान राजनीतिक प्रतिक्रिया है; मामले में आरोपों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका पर पुलिस जांच जारी है।
