मध्य रेल के मुंबई मंडल में ‘राजभाषा पखवाड़ा’ संपन्न, 155 अधिकारी-कर्मचारियों ने लिया हिस्सा
डीआरएम हिरेश मीना ने सरल और सहज हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर दिया जोर, प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार

मुंबई। मध्य रेल के मुंबई मंडल के राजभाषा विभाग द्वारा हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में 1 से 18 सितंबर 2026 तक आयोजित ‘राजभाषा पखवाड़ा’ का समापन विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता अधिकारी-कर्मचारियों के सम्मान के साथ हुआ। समापन समारोह में मंडल रेल प्रबंधक हिरेश मीना ने मुंबई मंडल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 196वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए हिंदी दिवस संदेश का वाचन किया और सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रयोग एवं प्रसार को बढ़ाने के लिए सरल और सहज हिंदी के अधिकाधिक इस्तेमाल पर जोर दिया। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक (इंफ्रा) एवं अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी नीरज यादव ने रेल मंत्री का हिंदी दिवस संदेश पढ़ा, जबकि अपर मंडल रेल प्रबंधक (प्रशासन) ने मध्य रेल के महाप्रबंधक का हिंदी दिवस संदेश प्रस्तुत किया। राजभाषा पखवाड़े के दौरान राजभाषा एवं भारतीय संस्कृति सामान्य ज्ञान, ‘पर्ची चुनो-अपने विचार लिखो’, काव्य भावार्थ एवं समीक्षा लेखन, पोस्टर बनाओ और हिंदी सुलेखन सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें मुंबई मंडल के कुल 155 अधिकारी एवं कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इन प्रतियोगिताओं का आयोजन मुंबई मंडल के साथ छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस स्टेशन, कुर्ला डीजल, सानपाड़ा कारशेड और कल्याण रेलवे स्कूल में भी किया गया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र एवं नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अपर मंडल रेल प्रबंधक (इंफ्रा), अपर मंडल रेल प्रबंधक (प्रशासन), अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन एवं संरक्षा), विभिन्न शाखाओं के अधिकारी तथा राजभाषा कार्यान्वयन समितियों के अध्यक्ष उपस्थित रहे। मुंबई मंडल राजभाषा कार्यान्वयन समिति के कार्यक्रम का संचालन सहायक कार्मिक अधिकारी (शेड) एवं संपर्क वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी सुधाकर मलिक ने किया। मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्नील निला द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार राजभाषा पखवाड़े का उद्देश्य रेलकर्मियों को हिंदी के अधिकाधिक और सहज प्रयोग के लिए प्रोत्साहित करने के साथ राजभाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
