नागपुर बनेगा देश का सोलर हब: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

फडणवीस ने उद्यमियों से बड़े निवेश का किया आह्वान, 2029 तक सोलर बैटरी स्टोरेज से 24 घंटे ऊर्जा उपलब्ध कराने का लक्ष्य

नागपुर। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि नागपुर में देश का सबसे बड़ा सोलर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम आकार ले रहा है और आने वाले दस वर्षों में शहर सोलर उद्योग के प्रमुख हब के रूप में उभरेगा। उन्होंने उद्यमियों से इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने रविवार को अतिरिक्त बुटीबोरी औद्योगिक क्षेत्र स्थित अवादा समूह के प्रकल्प का दौरा कर सोलर मॉड्यूल निर्माण प्रक्रिया का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से संवाद किया। अवादा समूह के संस्थापक एवं अध्यक्ष विनीत मित्तल ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री से विशेष बातचीत भी की। फडणवीस ने कहा कि ‘न्यू नागपुर’ परियोजना के तहत स्मार्ट इंडस्ट्री के लिए नया इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है। परियोजना के लिए 50 प्रतिशत से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है और निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने अवादा समूह के विस्तार के लिए आवश्यक अतिरिक्त 250 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की घोषणा की। अवादा की नागपुर इकाई पहले से बड़े पैमाने पर सोलर मॉड्यूल निर्माण कर रही है और कंपनी ने विस्तार के लिए अतिरिक्त जमीन की जरूरत बताई है। अतिरिक्त बुटीबोरी औद्योगिक क्षेत्र में उपलब्ध औद्योगिक भूमि समाप्त होने के कारण तीसरा अतिरिक्त बुटीबोरी औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की तैयारी है। इसके साथ वर्धा जिले में भी नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी मुख्यमंत्री ने दी। फडणवीस ने कहा कि उद्योगों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं और वर्ष 2029 तक सोलर बैटरी स्टोरेज के माध्यम से 24 घंटे ऊर्जा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। उन्होंने गडचिरोली के नए स्टील सिटी के रूप में उभरने और वहां बड़े निवेश आने का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समृद्धि महामार्ग, जेएनपीटी और निर्माणाधीन वाढवण बंदरगाह जैसे प्रकल्प राज्य में उद्योग और लॉजिस्टिक्स को नई गति देंगे। उन्होंने वाढवण बंदरगाह को अगले तीन वर्षों में पूरा करने का विश्वास जताया। मुंबई के विकास का उल्लेख करते हुए फडणवीस ने कहा कि अगले पांच वर्षों में महानगर का स्वरूप तेजी से बदलेगा। बांद्रा-वर्सोवा परियोजना को 2028 और वर्सोवा से भाईंदर नॉर्थ कोस्टल रोड को मार्च 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी उपनगरों में प्रस्तावित सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी और सुरंग परियोजनाओं के पूरा होने के बाद वर्तमान में करीब डेढ़ घंटे में तय होने वाली 23 किलोमीटर की दूरी 15 से 17 मिनट में पूरी की जा सकेगी। फडणवीस ने मुंबई के पुनर्विकास का जिक्र करते हुए कहा कि क्लस्टर डेवलपमेंट के जरिए प्रभावित निवासियों को वैकल्पिक आवास अथवा निर्धारित अवधि का किराया देकर पुनर्विकास को गति दी जा रही है। उन्होंने आने वाले दस वर्षों में मुंबई को झोपड़पट्टी मुक्त बनाने का लक्ष्य भी दोहराया।

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