नागपुर में ‘अमृत-2’ के सभी काम मार्च 2027 तक पूरे करें: सीएम फडणवीस
सड़क खोदने के बाद मरम्मत में वैज्ञानिक पद्धति अपनाने का निर्देश, लापरवाही पर अधिकारी-कॉन्ट्रैक्टर पर कार्रवाई की चेतावनी, पोहरा नदी के पुनर्जीवन की भी समीक्षा

नागपुर। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर शहर में ‘अमृत-2’ योजना के तहत चल रहे कार्यों में तेजी लाते हुए उन्हें गुणवत्तापूर्ण तरीके से मार्च 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सड़क खोदने के बाद उसके पुनर्भरण और मरम्मत में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी। शनिवार को रामगिरी शासकीय निवास पर आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने ‘अमृत-2’ के तहत शहर में चल रहे विकास कार्यों के साथ पोहरा नदी के प्रदूषण उन्मूलन और पुनर्जीवन परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विधायक प्रवीण दटके, स्थायी समिति सभापति शिवानी दाणी-वखरे, महानगरपालिका आयुक्त डॉ. विपीन इटनकर, अतिरिक्त आयुक्त अंकित, मुख्यमंत्री की ओएसडी आशा पठाण, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता संभाजी माने, कार्यकारी अभियंता नीता ठाकरे, मनपा की मुख्य अभियंता लीना उपाध्ये सहित नगरसेवक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक के दौरान ‘अमृत-2’ के तहत विभिन्न इलाकों में किए जा रहे सड़क खोदाई के काम और उसके बाद सड़कों की मरम्मत का मुद्दा प्रमुखता से उठा। नगरसेवकों ने अपने-अपने प्रभागों में सड़क खोदने के बाद मरम्मत से जुड़ी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं। रिंग रोड पर लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए गए। विधायक प्रवीण दटके ने नागरिकों को हो रही परेशानी पर नाराजगी जताई, जबकि स्थायी समिति सभापति शिवानी दाणी-वखरे ने बारिश के दौरान लोगों को हुई दिक्कतों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने साफ निर्देश दिए कि सीमेंट की सड़कों पर खोदाई के बाद पुनर्भरण या गड्ढों की मरम्मत में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। ऐसे कार्यों में वैज्ञानिक और तकनीकी पद्धति का सख्ती से पालन होना चाहिए। उन्होंने भविष्य में सड़क खोदने और उसके बाद मरम्मत की प्रक्रिया के लिए सभी संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक बुलाकर एक व्यापक नीति तैयार करने को भी कहा।फडणवीस ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया, ताकि एक ही सड़क को बार-बार खोदने या काम पूरा होने के बाद उसे खराब हालत में छोड़ने जैसी स्थिति न बने। उन्होंने चेतावनी दी कि काम में लापरवाही बरतने या घटिया काम के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। बैठक में महानगरपालिका आयुक्त डॉ. विपीन इटनकर ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से ‘अमृत-2’ के साथ पोहरा नदी प्रदूषण उन्मूलन एवं पुनर्जीवन परियोजना की विस्तृत जानकारी दी। नदी में प्रदूषण कम करने के लिए विभिन्न स्थानों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाने हैं। योजना के मुताबिक जयताला में 10 MLD और चिखली में 35 MLD क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रस्तावित है। इसके अलावा चिंचभवन, बीडीपेठ और सोमलवाड़ा में पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के साथ गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। ‘अमृत-2’ के तहत चल रहे काम समयसीमा में पूरे हों और सड़क खोदाई के कारण नागरिकों को होने वाली परेशानी कम से कम हो, इसके लिए संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
