मुंबई कोस्टल रोड पर मौत का तांडव: बेकाबू BMW ब्रिज से नीचे गिरी, तीन युवकों की मौत

लोटस जेटी के पास तड़के भीषण हादसा, एक युवक गंभीर; तेज रफ्तार में नियंत्रण खोने की आशंका, ताड़देव पुलिस जांच में जुटी

इंद्र यादव/मुंबई। मुंबई कोस्टल रोड पर रविवार तड़के रफ्तार का कहर तीन युवकों की जिंदगी लील गया। मरीन ड्राइव से हाजी अली की ओर जा रही एक काली BMW कार लोटस जेटी के पास भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई। शुरुआती पुलिस जांच के मुताबिक कार तेज रफ्तार में थी और चालक के नियंत्रण खोने के बाद वह कोस्टल रोड की बाहरी दीवार से टकराकर नीचे जा गिरी। हादसे में कार सवार तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है और उसका नायर अस्पताल में इलाज चल रहा है।हादसा 20 सितंबर की सुबह करीब 5 बजे से 5.20 बजे के बीच हुआ। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि BMW बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे तथा कार में सवार युवकों को नायर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में तीन युवकों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि चौथे युवक को गंभीर हालत में ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कराया गया। पुलिस से जुड़ी शुरुआती जानकारी के अनुसार मृतकों में 17 वर्षीय धैर्य शेठ और 21 वर्षीय शनय गज्जल शामिल हैं। कुछ बाद की रिपोर्टों में तीसरे मृतक की पहचान 19 वर्षीय आदित्य जकासनिया तथा गंभीर रूप से घायल युवक की पहचान आदित्य ओसवाल के रूप में बताई गई है। शुरुआती आधिकारिक और मीडिया रिपोर्टों में उम्र तथा पहचान को लेकर कुछ अंतर सामने आया है, इसलिए पुलिस की अंतिम पुष्टि का इंतजार है।प्रारंभिक जांच में हादसे की प्रमुख वजह अत्यधिक रफ्तार और वाहन से नियंत्रण खोना मानी जा रही है। हालांकि दुर्घटना की वास्तविक वजह क्या थी, कार की गति कितनी थी, वाहन कौन चला रहा था और हादसे से पहले क्या परिस्थितियां थीं—इन सभी पहलुओं की ताड़देव पुलिस जांच कर रही है।इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर मुंबई कोस्टल रोड पर तेज रफ्तार वाहनों और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि इसी महीने कोस्टल रोड की टनल में लग्जरी स्पोर्ट्स कारों को कथित तौर पर तेज रफ्तार में दौड़ाने का मामला सामने आया था, जिसके बाद पुलिस ने छह अज्ञात चालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। तीन युवकों की मौत केवल एक सड़क हादसे का आंकड़ा नहीं है। कम उम्र में तेज रफ्तार और शक्तिशाली गाड़ियों का आकर्षण कितना जानलेवा साबित हो सकता है, यह दुर्घटना उसकी भयावह मिसाल बनकर सामने आई है। कुछ सेकंड का रोमांच कई परिवारों को जीवनभर का दर्द दे सकता है।हादसे के बाद अभिभावकों की जिम्मेदारी पर भी चर्चा होना स्वाभाविक है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी परिवार को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। इतना जरूर है कि युवाओं में सुरक्षित ड्राइविंग, गति सीमा के पालन और देर रात अथवा तड़के वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। वहीं प्रशासन के सामने भी यह सवाल है कि तेज रफ्तार वाली शहरी सड़कों और एलिवेटेड हिस्सों पर लगे क्रैश बैरियर कितनी गंभीर टक्कर सहने में सक्षम हैं। इस विशेष हादसे में बैरियर या सड़क संरचना की कोई खामी थी या नहीं, इसका निष्कर्ष तकनीकी जांच के बाद ही निकाला जा सकता है। फिलहाल ताड़देव पुलिस हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। तीन युवकों की असमय मौत ने एक बार फिर वही कड़वा संदेश दिया है—सड़क पर रफ्तार का रोमांच चंद सेकंड का हो सकता है, लेकिन उसकी एक गलती की कीमत जिंदगी से चुकानी पड़ सकती है।

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