उधना-उकाई सोंगाध रेल खंड पर ₹133.23 करोड़ से बनेगा चार लेन का रोड ओवर ब्रिज

क्रॉसिंग नंबर 53 की जगह बनेगा आरओबी; रेलवे और राज्य सरकार आधी-आधी लागत करेंगे वहन, सड़क और रेल यातायात होगा अधिक सुरक्षित
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने पश्चिम रेलवे के उधना-उकाई सोंगाध रेल खंड पर लेवल क्रॉसिंग नंबर 53 के स्थान पर चार लेन वाले रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण को मंजूरी दे दी है। करीब ₹133.23 करोड़ की लागत से बनने वाले इस आरओबी से क्षेत्र में सड़क यातायात की आवाजाही सुगम होने के साथ रेल परिचालन की सुरक्षा और दक्षता में भी सुधार होने की उम्मीद है।रेलवे के अनुसार उधना-उकाई सोंगाध खंड पर किलोमीटर 62/2-4 पर स्थित लेवल क्रॉसिंग नंबर 53 को हटाकर चार लेन का आरओबी बनाया जाएगा। परियोजना को रेलवे और राज्य सरकार के बीच लागत साझाकरण के आधार पर पूरा किया जाएगा। कुल ₹133.2295 करोड़ की लागत में भारतीय रेलवे का हिस्सा ₹66.6147 करोड़ और राज्य सरकार का हिस्सा ₹66.6148 करोड़ होगा।आरओबी के रेलवे हिस्से में ओपन वेब गर्डर (OWG) का इस्तेमाल किया जाएगा। इस हिस्से के निर्माण पर करीब ₹91.60 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। परियोजना को तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि रेलवे लाइन और सड़क के चौराहे पर लगभग 62 डिग्री का विषम कोण है। इसके कारण पुल की डिजाइन तैयार करने और निर्माण कार्य को पूरा करने में सामान्य आरओबी की तुलना में अधिक तकनीकी जटिलता रहेगी।परियोजना के वायडक्ट हिस्से की कुल लंबाई 311.58 मीटर होगी और इसके निर्माण पर लगभग ₹19.98 करोड़ खर्च किए जाएंगे। वहीं रेलवे पहुंच (RE) हिस्से की लंबाई 524.32 मीटर होगी, जिसकी अनुमानित लागत ₹10.25 करोड़ रखी गई है।चार लेन का आरओबी बनने के बाद लेवल क्रॉसिंग पर सड़क वाहनों को ट्रेनों के गुजरने के दौरान रुकने की समस्या से राहत मिलेगी। ग्रेड-सेपरेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण सड़क और रेल यातायात अलग-अलग स्तर पर संचालित हो सकेगा, जिससे रेलवे परिचालन में आने वाली बाधाएं कम होंगी।रेलवे का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद उधना-उकाई सोंगाध खंड पर ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित और सुचारू होगा। इसके साथ ही सड़क यातायात की आवाजाही में सुधार, लेवल क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम में कमी और यात्रियों तथा स्थानीय लोगों की सुविधा बढ़ने की उम्मीद है। यह आरओबी पश्चिम रेलवे के इस महत्वपूर्ण रेल खंड पर परिचालन दक्षता और विश्वसनीयता बढ़ाने में भी सहायक होगा।
