रायगढ़ के दिघी में बनेगा ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग हब, 90 हजार रोजगार का दावा
माझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और NSHIPML के बीच मुख्यमंत्री फडणवीस की मौजूदगी में समझौता, करीब ₹15 हजार करोड़ के निवेश की योजना

मुंबई। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के दिघी में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड जहाज निर्माण औद्योगिक क्लस्टर को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इस परियोजना में प्रमुख जहाज निर्माण केंद्र के रूप में भागीदारी के लिए नेशनल शिपबिल्डिंग एंड हेवी इंडस्ट्रीज पार्क महाराष्ट्र लिमिटेड (NSHIPML) और माझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) के बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। सरकार के अनुसार इस परियोजना से राज्य में करीब 90 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। समझौते पर MDL की ओर से अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कैप्टन जगमोहन और NSHIPML की ओर से प्रबंध निदेशक प्रदीप पी. ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान मत्स्य व्यवसाय एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे, बंदरगाह एवं परिवहन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय सेठी, बिजनेस डेवलपमेंट के महाप्रबंधक संजयकुमार सिंह, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव लोकेश चंद्रा और प्रधान सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी मौजूद रहे। महाराष्ट्र में ग्रीनफील्ड जहाज निर्माण क्लस्टर विकसित करने के लिए महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड और मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने संयुक्त रूप से NSHIPML नामक विशेष प्रयोजन कंपनी का गठन किया है। केंद्र सरकार के ग्रीनफील्ड जहाज निर्माण क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसे ‘मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047’ के लक्ष्यों से भी जोड़ा गया है। समझौते के तहत MDL ने दिघी में प्रतिवर्ष कम से कम 1.2 मिलियन ग्रॉस टनेज जहाज निर्माण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए करीब ₹15 हजार करोड़ के प्रस्तावित निवेश की योजना है। परियोजना के पूरा होने के बाद यहां बड़े व्यावसायिक जहाजों का निर्माण संभव हो सकेगा। दिघी में आधुनिक जहाज निर्माण बुनियादी ढांचे के साथ इससे जुड़े सहायक उद्योगों और मजबूत सप्लाई चेन इकोसिस्टम को भी विकसित करने की योजना है। सरकार का मानना है कि इससे देश की घरेलू जहाज निर्माण क्षमता बढ़ाने, नई तकनीक एवं निवेश आकर्षित करने और बड़े पैमाने पर कुशल रोजगार पैदा करने में मदद मिलेगी। साथ ही वैश्विक समुद्री उद्योग में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूती मिलने की उम्मीद है। MDL के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कैप्टन जगमोहन ने परियोजना के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र सरकार के सहयोग के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि MDL के पास जटिल जहाज निर्माण, इंजीनियरिंग, परियोजना प्रबंधन और घरेलू आपूर्ति व्यवस्था विकसित करने का व्यापक अनुभव है। सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से दिघी में आधुनिक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी जहाज निर्माण केंद्र विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
