कैनविज इंडस्ट्रीज में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी!

वायरल मीटिंग में दिखे 49 लोग, पुलिस ने दो कथित करीबियों को दबोचा

बरेली, उत्तर प्रदेश। कैनविज इंडस्ट्रीज लिमिटेड में निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की कथित ठगी के मामले में फरार चल रहे कंपनी मालिक कन्हैया गुलाटी से जुड़ा एक Zoom मीटिंग का वीडियो वायरल होने के बाद मामला फिर सुर्खियों में आ गया है। पुलिस के मुताबिक कन्हैया पर बरेली सहित विभिन्न जिलों में कुल 98 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी है और उसकी गिरफ्तारी पर ₹50 हजार का इनाम घोषित है। वायरल वीडियो की जांच के बाद पुलिस ने उसमें दिखाई दे रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य के मुताबिक, बारादरी थाना क्षेत्र निवासी कन्हैया गुलाटी पर अपनी कंपनी में निवेश के नाम पर लोगों से रकम लेकर धोखाधड़ी करने के आरोप हैं। नवंबर 2023 से अब तक अकेले बरेली में उसके खिलाफ 93 एफआईआर दर्ज होने की बात पुलिस ने कही है। इसके अलावा बदायूं में तीन तथा अंबेडकरनगर और बस्ती में एक-एक मुकदमा दर्ज है। पुलिस के अनुसार बिहार और झारखंड में भी उससे जुड़े मामले सामने आए हैं। पुलिस ने कन्हैया को हिस्ट्रीशीटर बताते हुए उसकी हिस्ट्रीशीट संख्या 18B बताई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पहले एसएसपी स्तर से ₹25 हजार और बाद में डीआईजी बरेली रेंज की ओर से इनाम बढ़ाकर ₹50 हजार किया गया। विभिन्न मामलों में अदालत से उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी कराए गए हैं। मामले ने नया मोड़ तब लिया जब 13 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक Zoom मीटिंग का वीडियो वायरल हुआ। पुलिस जांच में वीडियो का संबंध कन्हैया गुलाटी से जुड़े पुराने धोखाधड़ी मामलों से पाया गया। पुलिस के मुताबिक वीडियो में करीब 49 लोग दिखाई दे रहे हैं और कथित तौर पर कन्हैया से ‘पेआउट’ और फंड को लेकर बातचीत हो रही है। वीडियो में विनय श्रीवास्तव की ओर से कन्हैया के बरेली न आने और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से बातचीत होने संबंधी दावा भी किया गया है। पुलिस इन दावों और वीडियो की परिस्थितियों की जांच कर रही है। जांच के दौरान पुलिस ने वीडियो में नजर आ रहे विशाल शर्मा और विनय श्रीवास्तव की पहचान की। विशाल इज्जतनगर क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि विनय गोरखपुर की कौवाबाग रेलवे कॉलोनी का निवासी बताया गया है। पुलिस का दावा है कि विशाल ने करीब ₹80 लाख और विनय ने करीब ₹60 लाख अन्य लोगों से कन्हैया की कंपनी में निवेश कराए थे। दोनों को कन्हैया से जुड़े 44 लोगों के कथित कोर ग्रुप का हिस्सा भी बताया गया है। बरेली रेंज की साइबर टीम और सर्विलांस सेल ने दोनों की लोकेशन ट्रेस करने के बाद सोमवार शाम फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के रायपुर अंडरपास से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में दोनों ने दावा किया है कि वायरल Zoom वीडियो कई महीने पुराना है और कन्हैया से अपना पैसा वापस लेने के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से बैठक की गई थी। उनका यह भी कहना है कि वीडियो उनके किसी साथी ने सोशल मीडिया पर वायरल किया। एसएसपी अनुराग आर्य के अनुसार दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले से जुड़ी अन्य जानकारियां जुटाई जा रही हैं। फरार कन्हैया गुलाटी की तलाश भी जारी है और पुलिस उसके नेटवर्क तथा कथित निवेश धोखाधड़ी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

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