
मुंबई। न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक में हुए 122 करोड़ रुपये के घोटाले में बड़ा खुलासा हुआ है। कोर्ट ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए जावेद आजम को 24 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जांच में सामने आया कि जावेद को इस घोटाले के आरोपी उन्नत अरुणाचलम के जरिए 18 करोड़ रुपये मिले थे। इसके अलावा, उसने अरुणाचलम को बिहार में छिपने में भी मदद की थी। सूत्रों के मुताबिक, जावेद आजम एक राजनीतिक नेता का भाई है और मलाड निवासी है। 48 वर्षीय जावेद इलेक्ट्रिकल सामान वितरण के कारोबार से जुड़े हैं। बताया जा रहा है कि उनकी पहचान पहले से गिरफ्तार आरोपी उन्नत अरुणाचलम से इसी कारोबार के जरिए हुई थी। इस मामले में पिता-पुत्र की जोड़ी मनोहर अरुणाचलम और उन्नत अरुणाचलम ने कुल 33 करोड़ रुपये की हेराफेरी की थी। 2019 में बैंक के पूर्व महाप्रबंधक हितेश मेहता ने अंधेरी स्थित एक ऑफिस में मनोहर को 18 करोड़ रुपये सौंपे थे, जो बाद में उन्नत के जरिए जावेद तक पहुंचे। धोखाधड़ी का मामला दर्ज होने के बाद उन्नत अरुणाचलम ने जावेद से संपर्क किया, जिसने उसे बिहार में छिपने में मदद की। इन खुलासों के बाद आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने सोमवार को जावेद को गिरफ्तार किया। इस घोटाले में अब तक कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अंतरिम सीईओ देवाश्री घोष की शिकायत पर दादर पुलिस स्टेशन में IPC की धारा 316(5) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों में बैंक के पूर्व महाप्रबंधक हितेश मेहता, रियल एस्टेट कारोबारी धर्मेश पौन, बैंक के पूर्व सीईओ अभिमन्यु भुवन, मनोहर अरुणाचलम, कपिल देधिया और उन्नत अरुणाचलम शामिल हैं। पुलिस ने दो अन्य संदिग्धों, हिरेन भानु और गौरी भानु के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। फिलहाल दोनों विदेश में हैं। जांच में यह भी सामने आया कि 15 करोड़ रुपये के निवेश में जावेद आजम की भी भूमिका थी। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि क्या इस घोटाले में और लोग भी शामिल हैं। आर्थिक अपराध शाखा की जांच जारी है और उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में जल्द ही और बड़े खुलासे हो सकते हैं।




