
मीरा-भायंदर। लंबे इंतजार के बाद, मीरा रोड स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) और सिविल जज (जूनियर डिवीजन) न्यायालय का संचालन आखिरकार 8 मार्च (अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस) से शुरू होने जा रहा है। इस अदालत का उद्घाटन सुबह 11:30 बजे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश अभय ओका द्वारा किया जाएगा। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, स्थानीय विधायक और परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक, स्थानीय जनप्रतिनिधि, वकील और बार एसोसिएशन के सदस्य भी उपस्थित रहेंगे।
उद्घाटन से पहले कोर्ट परिसर का निरीक्षण
इससे पहले, बॉम्बे हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति अदालत परिसर का निरीक्षण करेगी और वहां की बुनियादी सुविधाओं की जांच करेगी। बुधवार को कोर्ट भवन का दौरा करने वाले विधायक प्रताप सरनाईक ने कहा, “कुछ कार्य अभी भी लंबित हैं। मैंने लोक निर्माण विभाग (PWD) को 2 मार्च तक सभी कार्य पूरे करने का निर्देश दिया है, ताकि उद्घाटन में कोई बाधा न आए।
12 साल की देरी के बाद आखिरकार अदालत शुरू
सरकार ने 2013 में इस अदालत की स्थापना को मंजूरी दी थी, लेकिन मीरा रोड के हाटकेश इलाके में 4,353 वर्ग मीटर क्षेत्र में कोर्ट भवन को पूरा करने में सात साल लग गए। इसके बाद, आंतरिक साज-सज्जा, फर्नीचर और अन्य कार्यों में तीन साल और लग गए, जिससे परियोजना में कुल 12 साल की देरी हुई।
ठाणे कोर्ट का बोझ होगा कम
मीरा रोड की यह नई अदालत जूनियर डिवीजन के तहत 5 लाख रुपये तक के सिविल मामलों की सुनवाई करेगी, जबकि जेएमएफसी सभी प्रकार के आपराधिक मामलों की सुनवाई करेगा, सिवाय उन मामलों के जो सत्र न्यायालय के अधीन हैं। फिलहाल, मीरा-भायंदर से जुड़े करीब 50% मामले ठाणे न्यायालय में लंबित हैं, जो इस नई अदालत के खुलने के बाद काफी हद तक कम हो जाएंगे।
न्यायमूर्ति अभय ओका का न्यायिक सफर
न्यायमूर्ति अभय ओका को 12 नवंबर 2005 को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। 10 मई 2019 को वे कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने और 17 अगस्त 2021 को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हुए। यह अदालत मीरा-भायंदर के नागरिकों को स्थानीय स्तर पर त्वरित न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।




