
मुंबई। विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में जवाहर बाल भवन की अहम भूमिका है। राज्य सरकार प्रत्येक जिले में बाल भवन जैसे केंद्र स्थापित करने का प्रयास करेगी, ऐसा आश्वासन स्कूली शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने दिया। महाराष्ट्र राज्य जवाहर बाल भवन के 73वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ. भोयर प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस मौके पर बाल भवन के अशासकीय सदस्य प्रशांत भामरे, मुंबई विभागीय शिक्षा उपसंचालक संदीप संगवे, संचालक नीता पाटील और बृहन्मुंबई महानगरपालिका के शिक्षा अधिकारी राजेश कंकाल सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
शिक्षा को आनंददायी बनाना सरकार की प्राथमिकता
डॉ. भोयर ने कहा कि विद्यार्थियों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही स्कूली शिक्षा का मुख्य उद्देश्य है। सरकार शिक्षा को आनंददायी बनाने पर जोर दे रही है, जिससे विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और व्यक्तित्व विकास के अधिक अवसर मिलें। 73 सालों से जवाहर बाल भवन इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संगीत, नृत्य, खेल और विभिन्न कलाओं में प्रशिक्षित विद्यार्थी जब अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करते हैं, तो उनकी खुशी ही इस संस्थान के सफल उद्देश्य को दर्शाती है। इसलिए राज्य के हर जिले में बाल भवन जैसे केंद्रों की स्थापना के लिए प्रयास किया जाएगा।
प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
इस अवसर पर बाल भवन द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए। विद्यार्थियों ने भरतनाट्यम, बालगीत और कोरकू जनजातीय नृत्य जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर सभी का मन मोह लिया।
73 वर्षों से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयासरत – निदेशक नीता पाटील
बाल भवन की संचालक नीता पाटील ने कहा कि “आनंदी आनंद गडे, जिकडे तिकडे चोहीकडे” इस विचार को आत्मसात करते हुए यह संस्थान पिछले 73 वर्षों से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्यरत है।
उन्होंने बताया कि वर्षभर चलने वाले कला शिविर, गायन-नृत्य प्रशिक्षण, कार्यशालाएँ और अन्य गतिविधियाँ विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारने का अवसर प्रदान करती हैं। राज्य सरकार की इस पहल से विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के द्वार खुलेंगे।




