
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले 11 महीनों में 1.4 लाख नागरिकों से 4.5 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला है। बीएमसी अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी के अनुसार, सार्वजनिक स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को क्लीन-अप मार्शलों की प्रभावशीलता बढ़ाने का निर्देश दिया और साफ कर दिया कि सफाई व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा में पाया गया कि कई वार्डों में अनिवार्य 30 से कम क्लीन-अप मार्शल तैनात थे, जिस पर असंतोष जताते हुए डॉ. जोशी ने गैर-अनुपालन एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए।
बीएमसी अब सार्वजनिक उपद्रव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर रही है, खासतौर पर उन लोगों और व्यवसायों पर जो कचरा अलग नहीं करते, खुले में कचरा जलाते हैं, पेड़-पौधों के अवशेषों का अनुचित निपटान करते हैं या बायोमेडिकल कचरे का गलत तरीके से निस्तारण करते हैं। उन्होंने सभी 12 क्लीन-अप मार्शल एजेंसियों को पूरी तैनाती सुनिश्चित करने और उल्लंघनकर्ताओं पर कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया।
क्या है क्लीन-अप मार्शल की भूमिका?
बीएमसी में “क्लीन-अप मार्शल” ऐसे अधिकारी होते हैं, जो सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने, थूकने, शौच करने या अन्य स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करते हैं। इन्हें “कूड़ा पुलिस” भी कहा जाता है, जो बीएमसी के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) उपनियमों के तहत उल्लंघनकर्ताओं पर जुर्माना लगाते हैं, जिससे मुंबई को स्वच्छ और टिकाऊ बनाया जा सके।




