HomeArchitectureBreakingमुंबई विश्वविद्यालय में डॉ.बाबासाहेब अंबेडकर पीठ, दो छात्रावास और प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन...

मुंबई विश्वविद्यालय में डॉ.बाबासाहेब अंबेडकर पीठ, दो छात्रावास और प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन केंद्र की घोषणा

मुंबई। मुंबई विश्वविद्यालय में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर पीठ को अब प्रोफेसरों और शोधकर्ताओं के लिए स्वीकृत पद मिलेंगे। इसके अलावा, पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए दो अलग-अलग छात्रावास और कलिना परिसर में एक प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह घोषणा केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने की। मुंबई विश्वविद्यालय में आयोजित ‘संविधान अमृत महोत्सव’ कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने यह जानकारी दी और बताया कि नए प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन केंद्र का नाम माता रमाबाई अंबेडकर के नाम पर रखा जाएगा। इस कार्यक्रम का आयोजन डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय शोध केंद्र, लोकमान्य तिलक पीठ और मुंबई विश्वविद्यालय के श्री बालासाहेब ठाकरे पीठ द्वारा किया गया था। इस कार्यक्रम में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव अमित यादव, मुंबई विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रवींद्र कुलकर्णी, प्रो. कुलपति डॉ. अजय भामरे, रजिस्ट्रार डॉ. प्रसाद करंडे, प्रो. मनीषा कर्ने, अनिल कुमार पाटिल, प्रभात कुमार सिंह समेत कई गणमान्य व्यक्ति और छात्र उपस्थित थे।
संविधान: समानता और अधिकारों का प्रतीक– चंद्रकांत पाटिल
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि भारतीय संविधान जीवन की रूपरेखा तय करता है और इसमें बदलाव को लेकर गलत प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान में महिलाओं को 33% आरक्षण, सभी के लिए मुफ्त शिक्षा और आर्थिक आधार पर नौकरियों में आरक्षण जैसे प्रावधान शामिल हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संविधान एक जीवंत दस्तावेज है और इसे पढ़ना, समझना और अपनाना जरूरी है।
मुंबई विश्वविद्यालय की घोषणा पर कुलपति का आभार
मुंबई विश्वविद्यालय में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर पीठ, दो छात्रावास और प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन केंद्र की घोषणा के लिए कुलपति प्रो.रवींद्र कुलकर्णी ने केंद्रीय मंत्री डॉ.वीरेंद्र कुमार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जल्द ही इस संदर्भ में एक प्रस्ताव पेश करेगा और संविधान अमृत महोत्सव के तहत कई गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सचिव अमित यादव ने भी अपने संबोधन में डॉ.बाबासाहेब अंबेडकर के योगदान को रेखांकित किया और संविधान के महत्व पर प्रकाश डाला।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments