
पुणे। पुणे शहर की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुगम बनाने के उद्देश्य से शिवाजीनगर बस स्टैंड के पुनर्विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना का कार्य निर्धारित समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाना चाहिए।
कैबिनेट में पेश होगा 99 साल के अनुबंध का प्रस्ताव
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि PPP परियोजनाओं के लिए अच्छे डेवलपर सुनिश्चित करने हेतु 99 साल के अनुबंध का प्रस्ताव तत्काल कैबिनेट बैठक में प्रस्तुत किया जाए। इससे परियोजना को बेहतर निवेश और दीर्घकालिक स्थिरता मिलेगी।
महामेट्रो और MSRTC के समन्वय पर जोर
अजित पवार की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि परियोजना के सुचारू कार्यान्वयन के लिए महामेट्रो और महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (MSRTC) को समन्वय में कार्य करना होगा। परियोजना का भूमि पूजन 1 मई 2025, महाराष्ट्र दिवस को करने की योजना बनाई गई है।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक, राज्य परिवहन राज्यमंत्री माधुरी मिसाल, विधायक सिद्धार्थ शिरोले, योजना विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजगोपाल देवरा, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव ओ.पी. गुप्ता, नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव असीमकुमार गुप्ता, महामेट्रो के प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से), MSRTC के प्रबंध निदेशक डॉ. माधव कुसेकर, परिवहन विभाग के संयुक्त सचिव राजेंद्र होळकर और नगर विकास विभाग के संयुक्त सचिव विजय चौधरी उपस्थित थे। शिवाजीनगर बस स्टैंड पुनर्विकास के लिए भूमि पर उपलब्ध चटाई क्षेत्र (एफएसआई) का उपयोग करके वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इस परियोजना को सफलतापूर्वक लागू करने की जिम्मेदारी महामेट्रो को सौंपी गई है। महामेट्रो और एमएसआरटीसी के बीच एक नया समझौता ज्ञापन (MoU) तैयार किया जाएगा।
स्वारगेट बस स्टैंड का भी होगा विकास
बैठक में स्वारगेट बस स्टैंड के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिवाजीनगर और स्वारगेट बस स्टैंड का पुनर्विकास पुणे की यातायात प्रणाली को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। सरकार की इस पहल से पुणे के नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधाएं मिलेंगी और शहर की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।




