भायंदर के ‘प्यासा’ ऑर्केस्ट्रा बार में छिपा कमरा तोड़कर 17 महिलाएं निकालीं, 10 गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच की कार्रवाई में 15 ग्राहक भी हिरासत में, नकदी और शराब जब्त, आगे की जांच जारी
इंद्र यादव/भायंदर। भायंदर पूर्व के नवघर रोड स्थित ‘प्यासा ऑर्केस्ट्रा बार’ पर क्राइम ब्रांच ने छापेमारी कर एक छिपे हुए कमरे से 17 महिलाओं को बाहर निकाला। कार्रवाई के दौरान बार से जुड़े मैनेजर, कैशियर, वेटर और स्टीवर्ड समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 15 ग्राहकों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने मौके से करीब 55 हजार रुपये नकद और लगभग 50 हजार रुपये मूल्य की अंग्रेजी शराब भी जब्त की है। पुलिस कार्रवाई के दौरान बार के भीतर बनी एक कथित गुप्त कैविटी/छिपे कमरे का पता चला। टीम ने उसे खुलवाया, जिसके भीतर से 17 महिलाएं मिलीं। मामले की आगे की जांच मीरा-भायंदर, वसई-विरार (MBVV) क्राइम ब्रांच कर रही है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि मनोरंजन और ऑर्केस्ट्रा के नाम पर चलने वाले प्रतिष्ठानों के भीतर महिलाओं को इस तरह छिपाकर रखने की नौबत क्यों आती है। फिलहाल यह जांच का विषय है कि वहां मिली महिलाएं किन परिस्थितियों में पहुंचीं, क्या उन पर किसी प्रकार का दबाव था और पूरे मामले में किसकी क्या भूमिका रही।इन 17 महिलाओं को केवल आंकड़ों में समेट देना पर्याप्त नहीं होगा। पुलिस कार्रवाई के साथ यह भी जरूरी है कि उनके बयान, सुरक्षा और पुनर्वास से जुड़े पहलुओं पर गंभीरता से काम किया जाए। यदि किसी प्रकार का शोषण, दबाव या मानव तस्करी का पहलू सामने आता है, तो उससे जुड़े लोगों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। यह भी महत्वपूर्ण है कि ऐसे प्रतिष्ठानों की निगरानी केवल किसी छापे के बाद तक सीमित न रहे। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और लाइसेंसिंग एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी बार या मनोरंजन स्थल की आड़ में गैरकानूनी गतिविधियां न चलें। ‘प्यासा बार’ की यह कार्रवाई सिर्फ एक छापे की खबर नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल है जिसमें गुप्त कमरे बनाकर महिलाओं को छिपाना संभव हो जाता है। अब जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि यह गतिविधि कब से चल रही थी, इसके पीछे कौन लोग थे और क्या इसका संबंध किसी बड़े नेटवर्क से है।
