अब डिजिटल रूप में सहेजी जाएंगी गणपति बप्पा की यादें और परंपराएं, ‘Bappa.org’ से जुड़ेंगे नागरिक

मीरा-भाईंदर। महाराष्ट्र की समृद्ध गणेशोत्सव परंपरा और उससे जुड़ी यादों को आने वाली पीढ़ियों के लिए डिजिटल रूप में सहेजने के उद्देश्य से राज्य सरकार के सांस्कृतिक कार्य विभाग ने ‘Bappa.org’ डिजिटल पहल शुरू की है। इसके तहत प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गणेशोत्सव से जुड़ी परंपराओं, प्रथाओं, आरतियों, गणेश प्रतिमाओं की तस्वीरों, वीडियो, व्यक्तिगत अनुभवों और सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों की गतिविधियों का डिजिटल दस्तावेजीकरण किया जाएगा। इस पहल से मीरा-भाईंदर के नागरिकों को जोड़ने के लिए मीरा-भाईंदर महानगरपालिका प्रशासन ने भी शहरवासियों से सक्रिय भागीदारी की अपील की है। प्रशासन के अनुसार मीरा-भाईंदर में सार्वजनिक मंडलों और घरों में मनाए जाने वाले गणेशोत्सव की अपनी समृद्ध धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा रही है। इसे डिजिटल मंच पर दर्ज करने से शहर की सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान मिल सकेगी। ‘Bappa.org’ पर नागरिक अपने घर अथवा सार्वजनिक मंडल के गणपति उत्सव से जुड़ी आरती, पारंपरिक रीति-रिवाज, विशेष व्यंजन, पारिवारिक यादें, पुरानी तस्वीरें, वीडियो, सजावट और सामाजिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकेंगे। महानगरपालिका का कहना है कि प्रत्येक परिवार और गणेश मंडल की उत्सव मनाने की अपनी अलग परंपरा होती है। अलग-अलग क्षेत्रों की ऐसी परंपराओं और स्मृतियों का डिजिटल संग्रह तैयार होने से महाराष्ट्र के गणेशोत्सव की सांस्कृतिक विविधता को भविष्य के लिए संरक्षित करने में मदद मिलेगी। मनपा प्रशासन ने मीरा-भाईंदर के नागरिकों और सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों से ‘Bappa.org’ पर अपने बप्पा से जुड़ी यादों और परंपराओं को दर्ज करने का आह्वान किया है। प्रशासन ने कहा कि गणेशोत्सव केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की सामाजिक, सांस्कृतिक और लोक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। डिजिटल दस्तावेजीकरण के जरिए इस विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सकेगा।
