
मुंबई। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नवकार महामंत्र में विश्व कल्याण और शांति स्थापित करने की अद्भुत शक्ति निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस पवित्र दिन पर सामूहिक जप से पूरे विश्व में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और शांति को बढ़ावा मिलेगा। गुरुवार को वरली स्थित एनएससीआई डोम में जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन द्वारा आयोजित ‘विश्व नवकार महामंत्र दिवस’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर आचार्य परम सागर महाराज, निरंजन सागर महाराज, सौम्य सागर महाराज सहित जैन समाज के अनेक संत और गणमान्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्वबंधुत्व और शांति का संदेश देती है। ‘जियो और जीने दो’ का सिद्धांत जैन दर्शन की मूल भावना है, जो सभी जीवों के प्रति करुणा और समानता का भाव सिखाता है। उन्होंने कहा कि नवकार मंत्र के जप से व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आत्मशुद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने आगे कहा कि यह मंत्र केवल व्यक्तिगत शांति तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘इनर सेल्फ’ को भी संतुलन और शांति प्रदान करता है। सामूहिक जप के माध्यम से विश्व शांति के लिए एक प्रकार का महायज्ञ चल रहा है, जिससे समूचे मानव समाज को लाभ होगा। मुख्यमंत्री फडणवीस ने जैन समाज की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज हर जीव के प्रति दया, सेवा और करुणा का भाव रखता है और इन मूल्यों को व्यवहार में भी उतारता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जैन समाज के आचार्य, मुनि, साध्वी और श्रद्धालु उपस्थित रहे।




