
मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सतत विकास की दूरदर्शी सोच से आकार लेने वाली ‘पीएम सेतु’ योजना के तहत महाराष्ट्र के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) को अत्याधुनिक स्किल डेवलपमेंट हब के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य के कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने शुक्रवार को कहा कि इस योजना से महाराष्ट्र के आईटीआई देश के श्रेष्ठ कौशल विकास केंद्र बनेंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में योजना के पहले चरण में चार जिलों में इसे लागू करने को मंजूरी दी गई है। इसके तहत राज्य के आईटीआई का आधुनिकीकरण किया जाएगा और अगले चरणों में अन्य जिलों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
केंद्र और राज्य मिलकर करेंगे 242 करोड़ का निवेश
पीएम सेतु योजना के तहत आईटीआई के आधुनिकीकरण के लिए ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कुल 242 करोड़ रुपये खर्च करेंगे। योजना में 50 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार, 33 प्रतिशत राज्य सरकार और 17 प्रतिशत योगदान उद्योग क्षेत्र का होगा। राज्य में एक क्लस्टर (1 हब आईटीआई और 4 स्पोक आईटीआई) के लिए पांच वर्षों में लगभग 241 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 112 करोड़ रुपये, राज्य सरकार की 98 करोड़ रुपये और उद्योग क्षेत्र की 31 करोड़ रुपये होगी। राज्य सरकार द्वारा पांच वर्षों में 98 करोड़ रुपये खर्च करने को भी मंजूरी दी गई है।
पहले चरण में नागपुर, छत्रपती संभाजीनगर और पुणे शामिल
पहले चरण में नागपुर, छत्रपती संभाजीनगर और पुणे जिलों को योजना में शामिल किया गया है। नागपुर में गवर्नमेंट आईटीआई को हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जबकि नागपुर गर्ल्स आईटीआई, कामठी, हिंगणा और बुटीबोरी के आईटीआई स्पोक के रूप में आधुनिक बनाए जाएंगे। छत्रपती संभाजीनगर में आईटीआई को हब बनाया जाएगा और पैठण, खुलताबाद, गंगापुर और फुलंब्री के आईटीआई का आधुनिकीकरण किया जाएगा। पुणे में औंध आईटीआई को हब बनाया जाएगा, जबकि औंध गर्ल्स आईटीआई, खेड़-राजगुरूनगर और मुळशी के आईटीआई को स्पोक के रूप में विकसित किया जाएगा।
नए पाठ्यक्रम और पुराने पाठ्यक्रमों में सुधार
प्रत्येक हब आईटीआई में औसतन चार नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे और दस मौजूदा पाठ्यक्रमों का उन्नयन किया जाएगा। स्पोक आईटीआई में दो नए पाठ्यक्रम शुरू होंगे और आठ पाठ्यक्रमों की श्रेणी सुधार की जाएगी। उद्योगों की संख्या कम वाले क्षेत्रों में सेवा क्षेत्र, बहु-कौशल और आजीविका आधारित पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा- गुरुकुल, नालंदा जैसे विश्वविद्यालयों और आर्यभट्ट जैसे विद्वानों की विरासत को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आधुनिक कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से आईटीआई के जरिए ‘नया भारत’ गढ़ने का प्रयास कर रहे हैं।




