
मुंबई। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आव्रजन अधिकारियों ने रविवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जाने वाले दो यात्रियों को हिरासत में ले लिया। कारण था—उनके पासपोर्ट में उल्लिखित उम्र और उनकी वास्तविक उम्र व उपस्थिति में भारी अंतर। गहन जांच के बाद सामने आया कि दोनों यात्रियों ने अपनी उम्र कम दिखाने के लिए जाली दस्तावेजों का उपयोग कर फर्जी पासपोर्ट बनवाए थे। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान बेंगलुरु निवासी लाल मोहम्मद (57) और बिहार निवासी इमाम हुसैन (59) के रूप में हुई है। हालांकि उनके पासपोर्ट में क्रमशः 46 और 49 वर्ष की उम्र दर्ज थी। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि खाड़ी देशों में प्रवासी श्रमिकों के लिए अधिकतम उम्र सीमा को देखते हुए उन्होंने अपनी वास्तविक उम्र छिपाई, क्योंकि 50 वर्ष की उम्र पार करने पर नौकरी मिलने की संभावनाएं कम हो जाती हैं। सहार पुलिस के अनुसार, लाल मोहम्मद ने 1967 के बजाय 1984 और इमाम हुसैन ने 1966 के बजाय 1976 को जन्म वर्ष के रूप में दर्शाया था, जिससे उनकी उम्र 17 और 10 वर्ष तक कम हो गई थी। दोनों ने जाली जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर नए पासपोर्ट बनवाए थे और अपने मूल पासपोर्ट छिपा दिए थे। फर्जीवाड़े का खुलासा होते ही आव्रजन विभाग ने सहार पुलिस को सूचना दी, जिसने दोनों को गिरफ्तार कर धोखाधड़ी, जालसाजी और पासपोर्ट अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस फर्जीवाड़े में कोई एजेंट या तीसरा पक्ष शामिल था।
यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि विदेश में रोजगार की चाहत में किस तरह लोग गलत रास्ता अपनाने को मजबूर हो रहे हैं। पुलिस इस दिशा में और गहराई से जांच कर रही है।




