
मुंबई। अल्पसंख्यक समाज के लिए निर्धारित निधि का प्रत्येक घटक को समान और पारदर्शी तरीके से वितरण सुनिश्चित किया जाए तथा विभाग का कामकाज अधिक जनहितकारी और समाज के प्रति जवाबदेह हो, ऐसे निर्देश उपमुख्यमंत्री एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने दिए। साथ ही स्कूलों को गलत तरीके से अल्पसंख्यक दर्जा प्रमाणपत्र जारी किए जाने के मामलों की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी उन्होंने दिए। सोमवार को सह्याद्री राज्य अतिथि गृह में आयोजित अल्पसंख्यक विकास विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए गए। बैठक में विभाग के सचिव रुचेश जयवंशी, उपमुख्यमंत्री के सचिव डॉ. राजेश देशमुख सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि राज्य सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सच्चर समिति की सिफारिशों के आधार पर 21 फरवरी 2008 को राज्य में स्वतंत्र अल्पसंख्यक विकास विभाग की स्थापना की गई थी। इस विभाग के माध्यम से शैक्षणिक छात्रवृत्ति, छात्रावास, मौलाना आजाद अल्पसंख्यक आर्थिक विकास महामंडल की कर्ज योजनाएं, जैन आर्थिक विकास महामंडल की योजनाएं, स्वयं सहायता समूह, कौशल विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि मौलाना आजाद महामंडल की शैक्षणिक कर्ज सीमा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंचे। डॉ. जाकिर हुसैन मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत बुनियादी सुविधाओं के लिए अनुदान 2 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया गया है, और पात्र संस्थाओं के चयन में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक छात्रों के लिए बनाए जा रहे छात्रावास जल्द से जल्द पूर्ण कर शुरू किए जाएं। अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों के विकास कार्यों के लिए वितरित निधि का समान वितरण और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी विभाग की होगी। नांदेड़, सोलापुर और मालेगांव में उर्दू घर संचालित हो रहे हैं, जबकि अन्य प्रस्तावित उर्दू घरों का काम निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने विभाग में रिक्त पदों के कारण प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने की बात कहते हुए वक्फ मंडल, वक्फ न्यायाधिकरण और हज समिति में रिक्त पदों को तत्काल भरने के आदेश दिए। साथ ही छत्रपति संभाजीनगर में स्थापित नए अल्पसंख्यक आयुक्तालय को मजबूत करने के लिए आवश्यक अधिकारी और कर्मचारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। सुनेत्रा अजित पवार ने बार्टी और सारथी की तर्ज पर स्थापित ‘मार्टी’ संस्था के कार्यों की नियमित समीक्षा कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने अल्पसंख्यक युवाओं में बेरोजगारी को ध्यान में रखते हुए बड़े पैमाने पर कौशल विकास कार्यक्रम चलाकर उन्हें रोजगार योग्य बनाने पर जोर दिया। इसके अलावा खारघर, नवी मुंबई में प्रस्तावित ‘श्री गुरु तेग बहादुर साहिबजी 350वां शहीदी समागम’ कार्यक्रम के आयोजन से जुड़ी सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं जल्द पूरी करने के निर्देश भी दिए गए।




