Monday, January 12, 2026
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अलाव, रैन बसेरा और शीतलहर से बचाव के लिए धन की कोई कमी नहीं: मुख्य सचिव

मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डालयुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर दिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री एस.पी.गोयल ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में शीतलहर से बचाव के लिए अलाव, रैन बसेरा और अन्य व्यवस्थाओं हेतु धनराशि की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने यह निर्देश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक के दौरान दिए। मुख्य सचिव ने प्रदेश में बढ़ती ठंड, शीतलहर और घने कोहरे को देखते हुए अधिकारियों को पूर्ण संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे सोता हुआ नहीं मिलना चाहिए। इसके लिए अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए तथा निराश्रित और जरूरतमंद लोगों को तत्काल रैन बसेरों तक पहुंचाया जाए। रैन बसेरों में बिस्तर, कंबल, शुद्ध पेयजल, प्रकाश और स्वच्छता जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, अस्पतालों और प्रमुख चौराहों जैसे सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की समुचित व्यवस्था की जाए और जरूरतमंदों को लगातार कंबल वितरित किए जाएं। शीतलहर से बचाव के सभी इंतजामों का समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण भी कराया जाए।
बैठक में विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी विकसित भारत–जी राम जी योजना को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि 26 दिसंबर 2025 को सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए, जिसमें योजना की विस्तृत जानकारी देकर ग्रामीणों को जागरूक किया जाए। साथ ही ‘चौपाल पर चर्चा’ कार्यक्रमों और सोशल मीडिया, होर्डिंग, पंपलेट व पोस्टर के माध्यम से योजना का व्यापक प्रचार किया जाए। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, बस स्टैंडों और सरकारी कार्यालयों जैसे सार्वजनिक स्थलों पर स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित ‘प्रेरणा कैंटीन’ खोली जाएं, जिससे एक ओर आमजन को पौष्टिक भोजन मिलेगा और दूसरी ओर महिलाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। मुख्य सचिव ने ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत डिजिटल आजीविका रजिस्टर में स्वयं सहायता समूह सदस्यों की पारिवारिक आय का सही और त्रुटिरहित अंकन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं वार्षिक एक लाख रुपये से अधिक आय अर्जित कर सकें। बैठक में बताया गया कि शीतलहर के मद्देनजर अब तक 10,65,889 कंबल वितरित किए जा चुके हैं और कंबल क्रय के लिए 17.55 करोड़ रुपये की धनराशि जिलों को दी गई है। वर्तमान में प्रदेश में 1,192 रैन बसेरे संचालित हैं, जिनमें 9,949 लोग आश्रय ले चुके हैं। कोहरे को लेकर ‘सचेत’ ऐप और एसएमएस अलर्ट के जरिए 19 दिसंबर 2025 से अब तक 33.27 करोड़ संदेश भेजे जा चुके हैं। बैठक में प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास श्री सौरभ बाबू, ग्राम्य विकास आयुक्त श्री जी.एस. प्रियदर्शी, राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद, सचिव गृह श्री मोहित गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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